प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की है कि आगामी दीपावली तक नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधार शुरू किए जाएंगे। इनका उद्देश्य रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर की दरें कम करना है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से सामान्य जनों, किसानों, मध्य वर्ग और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्ययमों को राहत मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
प्रधानमंत्री ने घोषणा कि आगामी दीपावली तक नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधार शुरू किए जाएंगे। इनका उद्देश्य रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर की दरें कम करना है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से सामान्य जनों, किसानों, मध्य वर्ग और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्ययमों को राहत मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
प्रधानमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन सुधारों को लागू करने के लिए एक प्रतिबद्ध सुधार कार्यदल बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य आर्थिक विकास में तेजी लाना, लाल फीता शाही समाप्त करना, शासन को आधुनिक बनाना और 2047 तक भारत को दस ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए तैयार करना है।
प्रधानमंत्री के इस ऐलान के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने जीएसटी परिषद के मंत्रिसमूह को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है, जिसमें जीएसटी के मौजूदा चार स्लैब को घटाकर केवल दो करने की सिफारिश की गई है।
प्रस्ताव के मुताबिक अब केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो टैक्स स्लैब रखने का सुझाव दिया गया है, जबकि 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को समाप्त करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। खासकर महिलाओं, छात्रों, किसानों और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दरों में कमी आ सकती है।











