जबलपुर। भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।
अब ट्रेनों के भीतर अवैध रूप से गुटखा, सिगरेट या शराब बेचना न केवल भारी पड़ेगा, बल्कि ऐसा करने वालों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी। रेलवे बोर्ड ने देश के सभी जोनल रेलवे को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि आज से हर ट्रेन में सघन छापेमारी और चेकिंग अभियान चलाया जाए।
15 दिनों का विशेष ज्वाइंट फोर्टनाइट ड्राइव
रेलवे बोर्ड के निदेशक (इनवायरमेंट एंड हाउसकीपिंग मैनेजमेंट.) लव शुक्ला द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह अभियान एक विशेष ज्वाइंट फोर्टनाइट ड्राइव (15 दिवसीय संयुक्त अभियान) के रूप में चलाया जा रहा है।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बोर्ड ने यह पाया है कि कई ट्रेनों में आनबोर्ड स्टाफ और वेंडर्स की मिलीभगत से अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही है। इसे रोकने के लिए रेलवे ने अब जीरो टालरेंस की नीति अपनाई है।
तीन विभागों की संयुक्त टीम करेगी छापेमारी
इस अभियान को सफल बनाने के लिए रेलवे ने तीन प्रमुख विभागों का एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया है। इस टीम में मैकेनिकल, कमर्शियल विभागों के साथ ही रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। ये टीमें ट्रेनों के कोचों, पेंट्री कारों और वेंडिंग यूनिट्स की अचानक और गहन जांच करेंगी। छापेमारी के दौरान यदि किसी भी कोच में सिगरेट, गुटखा, तंबाकू या शराब की अवैध आपूर्ति पाई जाती है, तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्टाफ पर रहेगी कड़ी नजर
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि केवल बाहरी वेंडर ही नहीं, बल्कि ट्रेन के भीतर तैनात आधिकारिक स्टाफ भी जांच के दायरे में होगा। इनमें ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग, लिनेन स्टाफ (चादर और कंबल देने वाले), पैंट्री कार कर्मचारी और अधिकृत वेंडर्स होंगे।
अक्सर देखा गया है कि सफर के दौरान ये कर्मचारी चोरी-छिपे यात्रियों को प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध कराते हैं। अब पकड़े जाने पर इन कर्मचारियों को न केवल नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा, बल्कि संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया जाएगा।
यात्रियों से लिया जाएगा सीधा फीडबैक
इस अभियान की एक खास बात यह है कि रेलवे अब यात्रियों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बना रहा है। चेकिंग के दौरान अधिकारी यात्रियों से सीधे बात करेंगे और आनबोर्ड स्टाफ के व्यवहार व गतिविधियों पर उनका फीडबैक लेंगे। यदि कोई यात्री शिकायत करता है कि उसे स्टाफ द्वारा सिगरेट या गुटखा आफर किया गया है, तो उस पर तुरंत एक्शन होगा।
अवैध गतिविधियों पर लगाम लग सकेगा
इस पहल से न केवल ट्रेनों में स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगने से आम यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद होगा। रेलवे की इस सख्ती से उन माफियाओं और वेंडरों में हड़कंप मचा हुआ है जो अब तक नियमों की धज्जियां उड़ाकर ट्रेनों में नशा बेच रहे थे। बाहरी लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।











