जबलपुर। दिनांक 15 जनवरी 2026 को पवन एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11062) के कोच संख्या S-2, सीट संख्या 76 पर दरभंगा से कल्याण की यात्रा कर रहे यात्री श्री मुकेश अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे।
यात्रा के दौरान चाय पीते समय अचानक बच्चे के हाथ लग जाने से गरम चाय उनके लगभग 2 वर्षीय बच्चे के ऊपर गिर गई, जिससे बच्चे के पूरे पेट (होल एब्डोमेन) क्षेत्र में जलन हो गई और फफोले पड़ गए।
घटना की सूचना कमर्शियल कंट्रोल से प्राप्त होते ही रेलवे प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। ट्रेन के नरसिंहपुर स्टेशन पहुंचते ही रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे द्वारा त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ बच्चे की चिकित्सीय जांच की गई। जांच में पेट के हिस्से में जलने के स्पष्ट लक्षण पाए गए।
रेलवे चिकित्सक द्वारा तत्काल उपचार करते हुए बच्चे के जले हुए हिस्से की सिल्वर सल्फा डायजीन से ड्रेसिंग की गई तथा आवश्यक एंटीबायोटिक एवं दर्द निवारक दवाएं/सिरप उपलब्ध कराए गए।
बच्चे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे की यात्रा के लिए आवश्यक चिकित्सीय अनुमति भी प्रदान की गई।
रेलवे प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई, मानवीय दृष्टिकोण एवं संवेदनशील उपचार व्यवस्था से संतुष्ट होकर यात्री श्री मुकेश ने रेलवे प्रशासन, चिकित्सकीय स्टाफ एवं वाणिज्य स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यात्री ने कहा कि संकट की घड़ी में रेलवे द्वारा दी गई सहायता ने उनके परिवार को बड़ी राहत प्रदान की।
जबलपुर रेल मंडल यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। ऐसी घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता है।
रेलवे प्रशासन आम यात्रियों से भी अपील करता है कि यात्रा के दौरान बच्चों के साथ गरम पेय पदार्थों का उपयोग अत्यंत सावधानी से करें, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
रेलवे की यह मानवीय पहल यह दर्शाती है कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा एवं सेवा का सशक्त उदाहरण भी है।











