भारत की कॉर्पोरेट बिक्री में वित्त वर्ष 2024-25 में 7.2 फीसदी की तेज वृद्धि दर्ज की गई है। आरबीआई ने अक्टूबर महीने के जारी बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। कोरोना में हुई तेज गिरावट के बाद से देश की कॉर्पोरेट बिक्री में लगातार सुधार देखा जा रहा है। 2021-22 के दौरान, इसमें रिकॉर्ड 32.5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया था।
बीते पांच वर्षों में देश का कॉर्पोरेट का मुनाफा बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 7.1 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है, जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 2.5 लाख करोड़ रुपए पर था। साथ ही, इस दौरान शुद्ध मुनाफा मार्जिन बढ़कर 2024-25 में 10 फीसदी से अधिक हो गया है, जो कि 2020-21 में 7.2 फीसदी था।
आरबीआई बुलेटिन के मुताबिक, अच्छे मुनाफे के चलते सभी कंपनियों ने अपनी बैलेंसशीट को डीलीवरेज करना जारी रखा है और सभी आकार की कंपनियों के ऋण-से-इक्विटी अनुपात में सुधार हुआ। मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए ब्याज कवरेज अनुपात में काफी सुधार हुआ, जो कोविड के बाद की अवधि के दौरान औसतन 7.7 तक पहुंचा, जो ऋण भुगतान करने की मजबूत क्षमता को दर्शाता है।
बुलेटिन में कहा गया कि परिचालन लाभ मार्जिन मजबूत बना हुआ है, बड़ी कंपनियां लगातार मध्यम और लघु उद्यमों से बेहतर प्रदर्शन कर रही थीं। चुनौतियों के बावजूद, लागत अनुकूलन रणनीतियों ने व्यवसायों को लाभप्रदता बनाए रखने में मदद की। विनिर्माण क्षेत्र ने स्थिर लाभ मार्जिन बनाए रखा, जबकि गैर-आईटी सेवाओं ने शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद, मजबूती से वापसी की। मध्यम और लघु कंपनियों ने अपनी कर्ज चुकाने की क्षमता में वृद्धि की, जिससे समग्र वित्तीय स्थिरता में योगदान मिला।











