अगर आप रोजाना WhatsApp, Facebook या Facebook Messenger का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए Meta Platforms ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर नए एंटी-स्कैम टूल्स लॉन्च किए हैं।
इन नए फीचर्स का उद्देश्य यूजर्स को संदिग्ध एक्टिविटी के बारे में पहले ही चेतावनी देना और स्कैम होने से पहले उसे रोकना है। खासतौर पर WhatsApp पर अनऑथराइज्ड डिवाइस लिंकिंग, Facebook पर संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट और Messenger पर फर्जी जॉब ऑफर्स जैसे स्कैम को रोकने पर फोकस किया गया है।
Meta की पहल: स्कैम रोकने के लिए बड़ा कदम
Meta Platforms के मुताबिक ये नए टूल्स कंपनी की ग्लोबल एंटी-स्कैम रणनीति का हिस्सा हैं।
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साल 2025 में Meta ने दुनियाभर में 159 मिलियन से ज्यादा स्कैम वाले विज्ञापन हटाए।
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इनमें से 92% विज्ञापन यूजर रिपोर्ट से पहले ही हटा दिए गए थे।
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वहीं India में अकेले 2025 के दौरान 12.1 मिलियन से ज्यादा स्कैम ऐड कंटेंट पर बैन लगाया गया। कंपनी का कहना है कि इन नए फीचर्स से यूजर्स को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने में काफी मदद मिलेगी।
WhatsApp में डिवाइस लिंकिंग वार्निंग फीचर
स्कैमर्स अक्सर यूजर्स को धोखे से उनके WhatsApp अकाउंट को अपने डिवाइस से लिंक करने के लिए उकसाते हैं। इसके लिए वे कई तरीके अपनाते हैं, जैसे:
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फोन नंबर मांगना
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झूठे बहाने से QR कोड स्कैन करवाना
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डिवाइस लिंकिंग कोड शेयर करने के लिए कहना
अगर यूजर ऐसा कर देता है, तो स्कैमर उसके WhatsApp अकाउंट को अपने डिवाइस से लिंक कर सकता है। अब WhatsApp ऐसे मामलों में संदिग्ध लिंकिंग रिक्वेस्ट आने पर अलर्ट दिखाएगा। यह अलर्ट बताएगा कि रिक्वेस्ट कहां से आ रही है और यह संभावित स्कैम हो सकता है। इससे यूजर को आगे बढ़ने से पहले सावधान होने का मौका मिलेगा।
Facebook पर संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट के लिए नया अलर्ट
Facebook पर भी Meta एक नया सिक्योरिटी फीचर टेस्ट कर रहा है। अगर किसी फ्रेंड रिक्वेस्ट में संदिग्ध संकेत दिखाई देते हैं, जैसे:
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बहुत कम कॉमन फ्रेंड्स होना
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प्रोफाइल में किसी दूसरे देश का एड्रेस होना
तो यूजर को एक सिक्योरिटी अलर्ट दिखाई देगा। इससे यूजर को फैसला लेने में मदद मिलेगी कि वह उस रिक्वेस्ट को ब्लॉक, रिजेक्ट या स्वीकार करना चाहता है।
Messenger पर एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन
Facebook Messenger पर Meta एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन सिस्टम को और ज्यादा देशों में शुरू कर रहा है। अगर किसी नए कॉन्टैक्ट से चैट के दौरान फर्जी जॉब ऑफर या अन्य स्कैम के संकेत मिलते हैं, तो सिस्टम यूजर को तुरंत चेतावनी देगा।
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यूजर से पूछा जाएगा कि क्या वह चैट को AI द्वारा रिव्यू के लिए शेयर करना चाहता है।
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अगर स्कैम की पुष्टि होती है तो यूजर को जानकारी दी जाएगी।
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साथ ही संदिग्ध अकाउंट को ब्लॉक या रिपोर्ट करने का सुझाव भी दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, Meta Platforms के ये नए फीचर्स ऑनलाइन स्कैम से बचाव के लिए एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं। इससे WhatsApp, Facebook और Facebook Messenger यूजर्स को पहले से ज्यादा सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।











