दुनिया के लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta Platforms एक नई सब्सक्रिप्शन सर्विस “व्हाट्सएप प्लस” की टेस्टिंग कर रही है। यह सर्विस पूरी तरह ऑप्शनल होगी, यानी जो यूजर्स चाहेंगे वही इसके लिए पैसे देकर इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
यह फीचर फिलहाल एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.26.9.12 में देखा गया है और इसकी जानकारी WABetaInfo ने साझा की है। बताया जा रहा है कि यह सब्सक्रिप्शन Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म के लिए तैयार की जा रही है।
पहली बार इंडिविजुअल यूजर्स से चार्ज लेने की तैयारी
साल 2009 में लॉन्च होने के बाद पहली बार कंपनी व्यक्तिगत यूजर्स के लिए किसी प्रीमियम सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम कर रही है।
हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि ऐप के मुख्य फीचर्स जैसे मैसेजिंग, वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, मीडिया शेयरिंग और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सभी यूजर्स के लिए पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त ही रहेंगे।
व्हाट्सएप प्लस में मिलेंगे ये खास फीचर्स
इस प्रीमियम सब्सक्रिप्शन में यूजर्स को कई नए कस्टमाइजेशन और क्रिएटिव फीचर्स मिल सकते हैं।
मुख्य फीचर्स:
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कस्टम थीम्स और एक्सेंट कलर्स
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14 अलग-अलग ऐप आइकॉन्स
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एक्सक्लूसिव स्टिकर्स
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नए चैट रिंगटोन्स (शुरुआत में लगभग 10)
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ज्यादा एक्सप्रेसिव मैसेज रिएक्शन्स
इन फीचर्स की मदद से यूजर्स अपने ऐप को पूरी तरह पर्सनलाइज्ड लुक दे सकेंगे।
चैट मैनेजमेंट में भी मिलेगा बड़ा फायदा
व्हाट्सएप प्लस में चैट मैनेजमेंट से जुड़ा बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
जहां सामान्य व्हाट्सएप में सिर्फ 3 चैट्स को पिन किया जा सकता है, वहीं इस नए प्रीमियम वर्जन में 20 तक चैट्स को टॉप पर पिन करने का विकल्प मिल सकता है।
यूजर फीडबैक के आधार पर बढ़ेंगे फीचर्स
कंपनी का कहना है कि यह सिर्फ पहला सेट ऑफ फीचर्स है। यूजर्स के फीडबैक के आधार पर आगे और भी टूल्स और फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
फिलहाल टेस्टिंग स्टेज में, प्राइसिंग का खुलासा नहीं
अभी यह फीचर टेस्टिंग फेज में है और कुछ एंड्रॉयड बीटा यूजर्स को वेटिंग लिस्ट जॉइन करने का विकल्प मिल रहा है।
कंपनी ने अभी तक:
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इसकी कीमत
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लॉन्च टाइमलाइन
के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।
फ्री यूजर्स पर नहीं पड़ेगा कोई असर
मेटा का कहना है कि यह सब्सक्रिप्शन सिर्फ उन यूजर्स के लिए है जो ऐप में अतिरिक्त कस्टमाइजेशन और प्रोडक्टिविटी फीचर्स चाहते हैं।
सामान्य यूजर्स के लिए व्हाट्सएप का बेसिक एक्सपीरियंस पहले की तरह मुफ्त रहेगा।
दरअसल, निजी मैसेजिंग मॉडल के कारण कंपनी को विज्ञापनों से सीमित कमाई होती है, इसलिए वह अब सब्सक्रिप्शन मॉडल के जरिए स्थिर आय का नया रास्ता तलाश रही है।











