मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष रविन्द्र राय ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि जबलपुर के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज में आज एक अत्यंत दुखद और शर्मनाक घटना घटित हुई। कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट में वर्षों से सेवा दे रहे कर्मठ कर्मचारी सुरेश बैगा की चिकित्सा सुविधा के अभाव में मृत्यु हो गई।
चिकित्सा सुविधा के अभाव में बैगा आदिवासी कर्मचारी की मृत्यु से आक्रोशित राज्य कर्मचारी संघ, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, अजाक्स कर्मचारी संघ एवं फार्मासिस्ट एसोशियन के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. अरविन्द शर्मा के समक्ष विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि कोविड जैसे संकट काल में भी जान की परवाह किए बिना दिन रात सेवा देने वाले सुरेश बैगा को जब गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया तो उन्हें पहले कैजुअल्टी और फिर मेडिसिन आईसीयू रेफर किया गया। किन्तु सबसे बडे दुख और आश्चर्य की बात यह रही कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई ट्रामा इमरजेंसी यूनिट, जो कागजों में आपात सेवा का दावा करती है, वह उस समय पूरी तरह निष्क्रिय साबित हुई।
सुरेश बैगा को समय पर ICU में स्थान नही मिल सका। डॉक्टरों ने उन्हें सामान्य 18 नंबर वार्ड में भेज दिया, जहां उनकी हालत और बिगडती गई तथा इसी दौरान उनकी मृत्यु हो चुकी थी। जब कर्मचारी संघ ने अधीक्षक एवं उप अधीक्षक को स्थिति से अवगत कराया गया, तब प्रशासन ने हस्तक्षेप कर उन्हें पुनः मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट करावाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
यह घटना न केवल चिकित्सा लापस्वाही कर उदाहरण है, बल्कि यह उन तमाम घोषणाओं और व्यवस्थाओं की वास्तविकता को उजागर करती है, जो कर्मचारियों के जीवन को सुरक्षित रखने के नाम पर बनाई गई है। करोडों रुपये खर्च कर ट्रामा इमरजेंसी यूनिट तो बन गई, लेकिन जब एक कर्मचारी को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी तब वह सिर्फ एक दिखावा साबित हुई।
लघु वेतन कर्मचारी संघ ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो और उत्तरदायों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मृतक कर्मचारी के परिजनों को सम्मानजानक आर्थिक सहायता, नौकरी एवं अन्य सभी संवैधानिक लाभ शीघ्र दिया जाए। ट्रामा इमरजेंसी यूनिट की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और इसमें हुई गडबडियों को सार्वजनिक किया जाये तथा सभी कर्मचारियों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवा, आरक्षित पलंग एवं स्पष्ट प्राथमिकता नीति लागू की जाए। यदि 7 दिवस में शीघ्र और प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तो मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ चरणबद्ध आंदोलन की राह पर आग बढेगा।
इस दौरान वीरेन्द्र तिवारी, अजय कुमार दुवे, राजू मस्के, छविकान्त कोरी, आशीष लाल, वैभव पटेल, साहिल सिद्दकी, प्रमोद कुमार, इन्द्रप्रताप यादव, ओमप्रकाश पनगरहा, घनश्याम पटेल, सुरेश बाल्मीकि, बृजेश मिश्रा, राजू मेहतो, संतराम मरावी, दुलीधन्द बैगा, रमेश उपाध्याय, निशा बैगा, हेमन्त पाण्डेय, नीतू बैगा, नीलम यादव, प्रकाश रजक, अभिजीत ठाकुर, देवेन्द्र अहिरवार, मोहित वर्मा, बंशी, सुनील पाठक, हेमराज, कमलेश, मयंक, दीपिका, विकास डहेरिया, अंजली कनौजिया, नेहा दुवे भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।











