मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलॉय एवं इंजीनियर के प्रांतीय संयोजक व्हीकेएस परिहार ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक को पत्र लिखकर बताया कि कंपनी के अंतर्गत विभिन्न जिलों में कार्यरत विद्युत संविदा कर्मियों की कर्मचारी भविष्य निधि हेतु जारी इपीएफ में एक कर्मचारी के एक से अधिक खाते हैं, जोकि एचआर प्रबंधन की लापरवाही के कारण आज तक निरंतर जारी है।
जिस कारण नियम में उल्लेख होने के पश्चात भी अतिआवश्यक आर्थिक आवश्यकता की स्थिति में भी विद्युत संविदा कर्मी ईपीएफ की राशि का अंश नहीं निकाल पा रहे हैं। प्रांतीय संयोजक व्हीकेएस परिहार ने पत्र में बताया कि सीहोर जिले के विद्युत संविदा कर्मीयों के द्वारा प्रदाय जानकारी के अनुसार भोपाल के निकटतम सीहोर जिले में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 40 से 50 लगभग है, इसी प्रकार मध्य क्षेत्र कंपनी के अन्य जिलों में भी ईपीएफ खातों में इस प्रकार की विसंगति है।
यह की EPFO के अनुसार UAN नंबर जारी कर देता है। ये UAN नंबर आपकी एक निश्चित पहचान संख्या होती है। जो UAN नंबर पहली बार आपको मिलता है, वही हमेशा बना रहता है। service बदलने पर ही आपका EPF खाता बदलता है, किन्तु विद्युत संविदा कर्मी वर्षों से विद्युत विभाग में ही कार्यरत है, तब ऐसी स्थिति में उनकी भविष्य निधि हेतु अलग अलग खाते बनाए जाना और उनका निराकरण ना करवाना एचआर स्तर की लापरवाही का द्योतक है।
अतः विद्युत संविदा कर्मी निचले स्तर की श्रेणी में कार्यरत कर्मी हैं जिनकी सुरक्षा निधि ही एकमात्र बचत है किंतु खातों में विसंगतियां, केवाईसी अपडेट ना होना एवं एक कर्मचारी के कई खाते होना स्थापना शाखा एवं HR स्तर की लापरवाही है आपसे अनुरोध है शीघ्र शीघ्र करने की कृपा करें।















