From Sargam to Trital : जबलपुर, 24 मई। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन कला व सांस्कृतिक शिविर के अंतर्गत गायन व वादन का प्रशिक्षण नए आयाम स्थापित कर रहा है। 15 लड़के व 8 लड़कियां बुनियादी प्रशिक्षण हासिल कर कुशल गायक व वादक बनने की राह पर हैं।
From Sargam to Trital : पंकज मगरधे व भूपेन्द्र दुबे प्रशिक्षु लड़कों व लड़कियों को गायन व वादन की बारीकियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। एक माह के प्रशिक्षण के उपरांत समापन समारोह में सभी प्रशिक्षु सरस्वती वंदना, प्रार्थना, देशभक्ति, प्रेरणा गीत और गायन व वादन की जुगलबंदी के साथ तबले की प्रस्तुति देंगे।

From Sargam to Trital : गायन एवं वादन प्रशिक्षण शिविर में संगीत के मूलभूत सिद्धांतों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रशिक्षुओं को व्यवस्थित रूप से सरगम का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षक पंकज मगरधे और भूपेन्द्र दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को संगीत के पांच प्रमुख घटकों — नोट्स, ताल, माधुर्य, सद्भाव और रूप — की गहन जानकारी दी जा रही है।
From Sargam to Trital : प्रशिक्षुओं को सुरों की शुद्धता, लय की समझ और संगीत की भावनात्मक अभिव्यक्ति का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे गायन और वादन दोनों में दक्षता हासिल कर सकें। शिविर में नियमित अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों की संगीत प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें आत्मविश्वास और मंच प्रस्तुति की क्षमता भी विकसित की जा रही है।

From Sargam to Trital : प्रशिक्षण शिविर में संगीत की मधुर स्वर लहरियों के बीच प्रतिभागियों को गायन एवं वादन कला का समग्र और व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में विद्यार्थियों को केवल गायन की तकनीक ही नहीं, बल्कि तबला और हारमोनियम वादन की सूक्ष्म बारीकियों से भी परिचित कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान सुर, ताल और लय के संतुलन पर विशेष ध्यान देते हुए प्रतिभागियों को नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे उनकी संगीत समझ और प्रस्तुति क्षमता में निरंतर निखार आ रहा है।
From Sargam to Trital : तबला वादन में फिगरिंग, प्रारंभिक बोल और विभिन्न तालों का अभ्यास कराया जा रहा है, वहीं हारमोनियम पर स्वर संयोजन और सरगम की शुद्धता सिखाई जा रही है। सामूहिक अभ्यास और प्रस्तुति के माध्यम से प्रशिक्षुओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और मंच संचालन की कला भी विकसित की जा रही है। शिविर का उद्देश्य नवोदित कलाकारों को संगीत की मजबूत नींव प्रदान कर उनकी प्रतिभा को नई पहचान देना है।

From Sargam to Trital : विशेष रूप से तबला वादन के प्रति प्रशिक्षुओं में काफी उत्साह और रुचि देखने को मिल रही है। शुरुआती चरण में विद्यार्थियों को तबले पर फिगरिंग का अभ्यास कराया गया, जिसके बाद उन्हें विभिन्न तालों की संरचना और प्रस्तुति का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान छह मात्रा का दादरा ताल, सात मात्रा का रूपक ताल तथा आठ मात्रा का लोकप्रिय कहरवा ताल सिखाया जा रहा है। शिविर में सामूहिक प्रस्तुति-वादन के माध्यम से विद्यार्थियों को लय, ताल और समन्वय का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जा रहा है, जिससे उनकी संगीत प्रतिभा को नई दिशा मिल रही है।
From Sargam to Trital :समापन समारोह में नवोदित वादक तबले पर संगत प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं। केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव फिरेाज कुमार मेश्राम ने कहा कि गायन व वादन प्रशिक्षण शिविर को अच्छा प्रतिसाद मिला है। एक माह के अल्प प्रशिक्षण में ही प्रशिक्षुओं द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने से सब लोग उत्साहित हैं।











