जबलपुर: मध्य प्रदेश के Jabalpur में इन दिनों होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर गैस संकट का असर साफ दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि Iran, Israel और United States के बीच जारी तनाव के कारण कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो गई है।
इसके चलते शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को किचन चलाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर सिलेंडर नहीं मिलने से कारोबार ठप होने की स्थिति बन गई है।
किचन चलाना मुश्किल, बुकिंग पर संकट
होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी के कारण रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है। खासकर शादी-समारोह के सीजन में पहले से की गई बुकिंग को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
Hotel Arihant के संचालक राजेश जैन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण गैस सप्लाई बाधित हो गई है। उनका कहना है कि पहले पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की आशंका थी, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल और रेस्टोरेंट मालिकों पर सीधा असर पड़ा है।
दूसरे शहरों जैसी स्थिति का डर
होटल संचालकों का कहना है कि अगर जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो शहर में भी वही हालात बन सकते हैं, जैसे कुछ बड़े शहरों में देखने को मिले हैं। बताया जा रहा है कि Bengaluru और Chennai में भी गैस संकट के चलते कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो चुके हैं।
इंडक्शन विकल्प, लेकिन बड़े ऑर्डर मुश्किल
होटल संचालकों का कहना है कि फिलहाल इंडक्शन कुकिंग एक विकल्प जरूर है, लेकिन इससे बड़े पैमाने पर खाना बनाना संभव नहीं है। शादियों और बड़े कार्यक्रमों की बुकिंग पहले से हो चुकी है, ऐसे में ग्राहकों को क्या जवाब दिया जाए, यह भी एक बड़ी चिंता बन गई है।
गैस एजेंसियों पर भी नहीं मिल रहे सिलेंडर
गैस एजेंसी पहुंचे होटल संचालक शुभम गुप्ता ने बताया कि वे काफी उम्मीद के साथ सिलेंडर लेने पहुंचे थे, लेकिन वहां भी गैस उपलब्ध नहीं थी। एजेंसी के कर्मचारियों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक स्थिति ऐसी ही रह सकती है। अगर हालात नहीं सुधरे तो कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
घरेलू सिलेंडर भी हो रहे कम
कुछ होटल संचालकों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब कमर्शियल ही नहीं, बल्कि घरेलू सिलेंडर भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कई लोगों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर
होटल व्यवसायियों का कहना है कि युद्ध भले ही विदेशों में हो रहा हो, लेकिन उसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ता है। ईंधन और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।











