जबलपुर। एमपी के इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों से अब इस कदर दहशत फैल रही है कि छात्रों सहित अन्य लोग अपने घरों को लौटने लगे है। इसी तरह सिवनी निवासी छात्र आदित्य मिश्रा तबियत बिगडऩे के कारण परिजनों को खबर देते हुए जबलपुर के निजी अस्पताल में भरती हो गया। जहां पर जांच के बाद डाक्टरों ने हेपेटाइटिस-ए पॉजिटिव पाया गया है। जिसके चलते उसे डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू वार्ड में रखा गया है।
बताया गया है कि भंवरकुंआ क्षेत्र स्थित एक कोचिंग संस्थान में बीबीए की पढ़ाई कर रहे आदित्य मिश्रा किराए के कमरे में अकेला रहता था जो सार्वजनिक नल से पानी भरकर पीता था। इसी दौरान आदित्य और उसके दो-तीन दोस्त एक साथ बीमार पड़ गए। आदित्य के अन्य साथी अपने-अपने घर लौट गएए जबकि आदित्य ट्रेनिंग के लिए देहरादून चला गया।
परिजनों के अनुसार देहरादून में अचानक आदित्य को चक्कर आया और वह गिर पड़ा। उसकी नाक से खून बहने लगा। साथ गए टीचर और दोस्तों ने उसे घर लौटने की सलाह दी। इसके बाद दिल्ली के एक अस्पताल में जांच कराई गई। जहां डॉक्टरों ने भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह परिजनों को सूचना देकर जबलपुर आ गया। सरकारी विभाग में पदस्थ आदित्य के पिता राजेश मिश्रा ने बताया कि जब बेटा जबलपुर पहुंचाए तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू रिपोर्ट नेगेटिव आई, लेकिन प्लेटलेट्स मात्र 17 हजार पाए गए। दांतों से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी, हाथ-पैर कांप रहे थे। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने दूषित पानी को बीमारी का मुख्य कारण बताया है। राजेश मिश्रा ने बताया कि फिलहाल इलाज के बाद आदित्य की स्थिति पहले से बेहतर है। उन्होंने इंदौर में रह रहे सभी छात्रों से अपील की है कि वे अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहें, पेयजल के लिए आरओ का उपयोग करें और सार्वजनिक नलों के पानी पर निर्भर न रहें।











