जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने समस्त शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अन्तर्गत आंतरिक समिति गठित करने के निर्देश दिये है।
उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय में दस या दस से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहा आंतरिक समिति का गठन अनिवार्यत: किया जाना है एवं जिन कार्यालयो में पहले से समिति गठित है और उसका कार्यकाल 3 वर्ष पूर्ण हो चुका है, उनका पुनर्गठन किया जाये।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने निर्देश दिये कि समिति के गठन में कर्मचारियों में से कार्यालय में वरिष्ठ पद पर कार्य करने वाली महिला पीठासीन होगी। यदि वरिष्ठ पद पर महिला नहीं है तो उसी नियोक्ता के अन्य कार्यालय, इकाइयों, विभाग एवं कार्यस्थल से महिला कार्मचारी को नामित किया जायेगा। कर्मचारियों में से महिलाओं की समस्याओं के लिए प्रतिबद्व, सामाजिक कार्य अनुभव एवं कानूनी ज्ञान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक सदस्य बाहरी होना चाहिए जिसमें सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली अशासकीय संस्थाओं से जिन्हें अधिनियम की जानकारी हो और महिलाओं के मुद्दों के प्रति संवेदनशील हों। इस प्रकार नामनिर्देशित कुल सदस्यों में से कम से कम आधे सदस्य महिलाएं होंगी।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि आंतरिक समिति का गठन कर इसकी जानकारी कलेक्ट्रेट स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग कक्ष क्रमांक:-107 पर हार्ड कॉपी एवं सॉफ्ट कॉपी में तथा कार्यालय की मेल आईडी wcdjab@nic.in पर शीघ्र प्रेषित करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिये कि किसी भी कार्यस्थल पर समिति गठित न होने की स्थिति में अधिनियम अनुसार नियोक्ता पर 50 हजार रूपये का जुर्माना लगाये जाने का प्रावधान भी है।











