ऊर्जा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की, जब मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS) की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने 1 अक्टूबर 2024 से लगातार संचालन करते हुए 305 दिनों के पिछले रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया। यह रिकार्ड इससे पूर्व सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 के नाम पर दर्ज था।
इस रिकार्ड के पूर्व अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी 300 दिनों तक लगातार संचालन का कीर्तिमान स्थापित किया था, जो कि इसकी विश्वसनीयता और दक्षता को दर्शाता है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 वर्तमान में भी लगातार विद्युत उत्पादन करने में जुटी हुई है।
प्लांट उपलब्धता 99.46 फीसदी हासिल हुई
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने न केवल 306 दिनों से लगातार विद्युत उत्पादन करने का नया रिकार्ड बनाया बल्कि इस दौरान उच्च दक्षता व स्थिरता प्रदर्शित की। इस दौरान यूनिट की प्लांट उपलब्धता (Plant Availability) 99.46%, प्लांट लोड फैक्टर (Plant Load Factor) 97.17% व ऑक्जलरी विद्युत खपत (Auxiliary Power Consumption) मात्र 9.1% रही।
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह का पिछला रिकार्ड था 305 दिन का
इससे पूर्व सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 ने 305 दिनों तक लगातार संचालन का रिकार्ड बनाया था। इस रिकार्ड को अब ATPS की यूनिट नंबर 5 ने पीछे छोड़ दिया है।
तकनीकी दक्षता व संचालन की उत्कृष्टता
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 की सफलता व आंकड़े यूनिट की तकनीकी दक्षता व संचालन की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। यह उपलब्धि मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) की समर्पित टीम के निरंतर परिश्रम व तकनीकी विशेषज्ञता का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री व अपर मुख्य सचिव ने दी बधाई
मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई व मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक मील का पत्थर है। 306 दिनों से निर्बाध संचालन समर्पण, कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता व विश्वसनीयता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।










