Saturday, August 8, 2026
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MP ट्रांसको में कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य प्रणाली का दिया प्रशिक्षण, जाने यहाँ

MP पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जीरो एक्सीडेंट’ नीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से कंपनी ने कार्मिकों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सुरक्षा एवं कार्यस्थल जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।

इस कार्यशाला का मकसद कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य प्रणाली, दुर्घटना रोकथाम और आधुनिक सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक बनाना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी बताया गया कि सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाने से मानव जीवन की रक्षा के साथ विद्युत पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता भी बनी रहती है।

MP: सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर

यह कार्यशाला अधीक्षण अभियंता एम.पी. पटेल की पहल और निर्देशन में आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अपनाई जाने वाली सुरक्षित प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय, जोखिमों की पहचान और सुरक्षा मानकों के पालन के महत्व पर भी चर्चा की गई।

श्री पटेल ने कहा कि बिजली क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्व निभाने चाहिए। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन हमेशा अनिवार्य होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जब कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में काम करते हैं, तब न केवल उनका जीवन सुरक्षित रहता है, बल्कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक विश्वसनीय और सुचारु बनी रहती है।

MP: वर्क परमिट प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यशाला का आयोजन 220 केवी सबस्टेशन सिरमौर तथा 132 केवी सबस्टेशन कटरा और मऊगंज में किया गया। इस दौरान कर्मचारियों को सबस्टेशन में सुरक्षित तरीके से कार्य करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।

विशेष रूप से वर्क परमिट जारी करने और निरस्त करने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को बताया कि किसी भी तकनीकी कार्य को शुरू करने से पहले निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी है। इससे संभावित दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

साथ ही कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे हर कार्य से पहले सभी सुरक्षा मानकों की जांच करें और बिना अनुमति किसी भी विद्युत उपकरण पर कार्य शुरू न करें।

MP: दुर्घटना रोकथाम और उपकरणों की नियमित निगरानी पर फोकस

कार्यशाला के दौरान सबस्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को बताया कि नियमित निरीक्षण से कई संभावित तकनीकी खामियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

इसके लिए प्रतिदिन रात के समय स्विचयार्ड के हॉट प्वाइंट सर्वे करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा यार्ड में स्थापित पावर ट्रांसफार्मरों का दैनिक और विस्तृत निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी विद्युत उपकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समय पर रखरखाव से न केवल तकनीकी खराबियों को रोका जा सकता है, बल्कि बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को भी कम किया जा सकता है।

इसके साथ ही सबस्टेशन परिसरों में चोरी की घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

MP: पीपीई किट का उपयोग किया गया अनिवार्य

कार्यशाला में कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली से जुड़े कार्यों के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों को हेलमेट, गमबूट, सुरक्षा जूते और हैंड ग्लव्स जैसे सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि इन उपकरणों का सही उपयोग गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना को काफी कम कर सकता है। इसलिए सभी कर्मचारियों को हर कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा उपकरण पहनना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।

MP: आउटसोर्स कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी

कार्यशाला केवल तकनीकी सुरक्षा तक सीमित नहीं रही। इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई।

कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) योजनाओं के लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही एमपी ट्रांसको द्वारा तैयार की गई जानकारी संबंधी पुस्तिकाएं और दस्तावेज भी वितरित किए गए।

अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को अपने कानूनी अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी होना जरूरी है। इससे भविष्य में मिलने वाले लाभों का पूरा फायदा उठाया जा सकता है।

MP: जीरो एक्सीडेंट नीति को सफल बनाने का लिया संकल्प

कार्यशाला के समापन पर अधीक्षण अभियंता एम.पी. पटेल ने सभी कर्मचारियों से सुरक्षा नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य व्यवहार, नियमित निरीक्षण और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन ही ‘जीरो एक्सीडेंट’ नीति की सफलता का आधार है।

कार्यक्रम में मौजूद सभी कर्मचारियों और आउटसोर्स कार्मिकों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति विकसित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

एमपी ट्रांसको का मानना है कि इस तरह की नियमित कार्यशालाएं कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय तथा प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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