जबलपुर। एमपी के जबलपुर में सिविक सेंटर स्थित माता गुजरी महिला कालेज में स्कॉलरशिप को गड़बड़ी सामने आई है। यहां पर बढ़ाई कर रही एक छात्रा की छात्रवृत्ति राशि उसके बैंक खाते में न जाकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो रही थी।
कालेज में बीए द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत छात्रा पूर्णिमा चौधरी ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले माता गुजरी महिला कालेज में प्रवेश लिया था। प्रवेश के समय कॉलेज की स्कॉलरशिप शाखा की ओर से एमपी ऑनलाइन के माध्यम से छात्रवृत्ति फॉर्म भरा था। इसके बावजूद लगातार दो सालों तक उनकी छात्रवृत्ति उनके खाते में नहीं आई।
छात्रा ने कई बार कॉलेज की स्कॉलरशिप शाखा से इस संबंध में जानकारी ली। लेकिन हर बार उसे जल्द छात्रवृत्ति आने का आश्वासन दिया गया। जब पूर्णिमा ने अपने आवेदन नंबर के जरिए एमपी ऑनलाइन की वेबसाइट पर जांच की तो पता चला कि उसकी छात्रवृत्ति की राशि करीब 5000 रुपए पहले ही पेड दिखाई जा रही थी।
बाद में स्कॉलरशिप सर्टिफिकेट में दर्ज बैंक खाते का मिलान छात्रा के वास्तविक खाते से किया गया तो दोनों के खाते अलग पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि छात्रवृत्ति की राशि किसी अन्य बैंक खाते में स्थानांतरित हो चुकी थी।
अन्य के साथ भी ऐसी गड़बड़ी-
इस मामले की जानकारी एनएसयूआई पदाधिकारी अचलनाथ को मिलने पर उन्होंने कॉलेज प्रशासन से संपर्क कर जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि इस तरह की गड़बड़ी सिर्फ एक छात्रा के साथ नहीं बल्कि दो छात्रों के साथ हुई है। इन मामलों में छात्र का नाम किसी और का थाए जबकि राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में जमा हो रही थी।











