जिला प्रशासन द्वारा लगातार तीसरे वर्ष गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित बारह दिनों के पुस्तक मेला में चौथे दिन आज शनिवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ रियायती दर पर पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म, कॉपियां और स्टेशनरी की खरीदी की। अवकाश होने के कारण पुस्तक मेला शनिवार को दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हो गया था।
पुस्तक मेला में चौथे दिन भी आयोजित सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अशोक रोहाणी थे। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
विधायक अशोक रोहाणी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ पुस्तक मेला का अवलोकन भी किया और विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद किया।
विधायक रोहाणी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि अप्रैल से जुलाई माह के दौरान अभिभावकों पर बच्चों की शिक्षा पर पढ़ने वाले आर्थिक भार को इस मेले के माध्यम से हम आधा भी कम कर पाएं, तो इस आयोजन की असली सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया जिन्होंने जबलपुर के इस अनूठे प्रयास को पूरे प्रदेश में अंगीकार किया।
रोहाणी ने विक्रेताओं से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जताए गए विश्वास पर खरे उतरें और आम जनता को उचित लाभ पहुंचाएं। पिछले वर्ष की स्मृति को साझा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष भी वे ‘बुक बैंक’ के लिए पहले से अधिक पुस्तकें तैयार करके लाए हैं, जिन्हें वे दान करेंगे ताकि जरूरतमंद विद्यार्थियों का भविष्य संवर सके।
इससे पूर्व, पुस्तक मेला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने अपना प्रतिवेदन पढ़ा। सोनी ने जानकारी दी कि मेले में पाठ्य-पुस्तकों, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म के साथ-साथ इस बार 5 फूड स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि विद्यार्थी और अभिभावक अपने परिवार के साथ यहाँ आकर इसका आनंद ले सकें।
उन्होंने विधायक रोहाणी का विशेष आभार व्यक्त किया कि उनके द्वारा पिछले वर्ष दान में दी गई पुस्तकों से सैकड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिला है। कार्यक्रम के में विधायक रोहाणी एवं आमंत्रित अतिथियों ने स्टॉल्स का भ्रमण कर विक्रेताओं और अभिभावकों से संवाद किया।
The book fair will also start on Sunday at 12 noon:-
जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को निजी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकें न्यूनतम और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध कराने 25 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा पुस्तक मेला रविवार 29 मार्च को भी दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा।











