मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियों में आई कमी के बाद अब प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को कई जिलों में बारिश के चलते सड़कें और निचले इलाके पानी से भर गए।
मौसम विभाग ने सोमवार, 14 सितंबर को भी प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आज प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। खास तौर पर श्योपुर, गुना, राजगढ़, उज्जैन, रतलाम, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हो सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी MP में ज्यादा बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी सिस्टम का असर ज्यादा दिखाई देगा। श्योपुर, गुना, राजगढ़, उज्जैन, रतलाम, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।
वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम का यह बदलाव खासतौर पर उन इलाकों में राहत लेकर आ सकता है, जहां पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं। हालांकि तेज बारिश के दौरान जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।
30 से 40 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बारिश के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है। तेज हवा और गरज-चमक के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
खासतौर पर खुले मैदान, कमजोर निर्माण, टिन शेड और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना भी जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना सिस्टम
मौसम में आए इस बदलाव की मुख्य वजह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है। यह सिस्टम एक चक्रवाती परिसंचरण के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा मानसून ट्रफ भी इस समय मध्य प्रदेश के बीच से गुजर रही है।
इन दोनों मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में नमी और बारिश के लिए अनुकूल वातावरण बना हुआ है। यही वजह है कि मानसून की गतिविधियां एक बार फिर कई इलाकों में सक्रिय होती दिखाई दे रही हैं।
महीने के आखिर तक मानसून की विदाई संभव
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई सितंबर के अंतिम दिनों के आसपास शुरू हो सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर पूरी तरह थमा नहीं है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
पश्चिमी जिलों में जहां भारी बारिश की संभावना है, वहीं बाकी इलाकों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की जरूरत है।
घर से निकलते समय रखें सावधानी
सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोग छाता या रेनकोट साथ रखें। भारी बारिश या तेज आंधी के दौरान गैरजरूरी यात्रा को टालना बेहतर रहेगा। किसानों और खुले क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर रहें। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट के चलते अगले कुछ घंटों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।











