Sunday, July 26, 2026
Homeमध्य प्रदेशMP विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से, हंगामा होने के आसार

MP विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से, हंगामा होने के आसार

भोपाल,(हि.स.)। मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज सोमवार से शुरू हो रहा है। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में चार बैठकें होंगी। इसमें अनुपूरक बजट समेत चार विधेयक लाए जा सकते हैं। सत्र की कम अवधि को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने असंतोष जताया है। साथ ही सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। इसीलिए सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।

मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का यह सातवां सत्र होगा। इस सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक विधानसभा सचिवालय में तारांकित पश्न 751 एवं अतारांकित प्रश्न 746 कुल 1497 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 194, स्थगन प्रस्ताव की 06,अशासकीय संकल्प की 14,शून्यकाल की 52, नियम -139 की 02 सूचनाएं, 15 याचिकाएं प्राप्त हई हैं। शासकीय विधेयक भी 02 प्राप्त हुए हैं।

इस पांच दिवसीय सत्र में सरकार 10 हजार करोड़ रुपये के द्वितीय अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। साथ ही इसमें नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव, दुकान और प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक 2025 विधेयक पर चर्चा हो सकती है। दोनों प्रस्तावों को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है और विधानसभा में स्वीकृति के बाद ये प्रदेश में नियम बन जाएंगे। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों के वेतन बढ़ाने के विधेयक को भी सरकार इस सत्र में ला सकती है।

पहले दिन सदन में अलग-अलग विभागों की ओर से कई अध्यादेश, वार्षिक प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं पटल पर रखी जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025, रेरा, मध्य प्रदेश का वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी का वार्षिक प्रतिवेदन 2020–21, विद्युत नियामक आयोग की तीन अधिसूचनाएं और मानव अधिकार आयोग और राज्य सूचना आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन शामिल है।

नपा अध्यक्ष को वापस बुलाने का प्रावधानसरकार नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर व्यवस्था बदलने जा रही है। अभी नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से होता है, लेकिन प्रस्तावित संशोधन के बाद अध्यक्ष को क्षेत्र के मतदाता सीधे चुन सकेंगे।

इससे पहले भी वर्षों तक अध्यक्षों का चयन प्रत्यक्ष मतदान से ही होता रहा है। नए कानून में राइट टू रिकॉल का प्रावधान भी जोड़ा जाएगा, जिसके तहत जनता यदि अध्यक्ष के कामकाज से असंतुष्ट हो तो मतदान कर उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी।

गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार होगीदुकान एवं संस्थान अधिनियम में संशोधन के तहत कर्मचारियों को सप्ताह में एक अनिवार्य अवकाश देना दुकानदारों के लिए जरूरी होगा। यानी किसी भी दुकान या संस्थान में काम करने वाले से सप्ताह में अधिकतम छह दिन ही काम लिया जा सकेगा।

इसके साथ ही दुकान खोलने के लिए आवश्यक गुमास्ता लाइसेंस की फीस में बड़ा परिवर्तन प्रस्तावित है। वर्तमान में 100 से 500 रुपये तक की फीस को बढ़ाकर 5,000 रुपये करने की तैयारी है। बड़े प्रतिष्ठान और होटलों के लिए इससे भी अधिक शुल्क तय किया जा सकता है।

इन मुद्दों पर सदन में घेरेगी कांग्रेससत्र के दौरान विपक्षी कांग्रेस छिंदवाड़ा के कप सिरप कांड, खाद की कमी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। इन विषयों पर विरोध प्रदर्शन की भी संभावना है। कांग्रेस ने पांच दिन के सत्र को बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार जनता से जुड़े सवालों पर जवाब देने से बच रही है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों से लगातार मुंह मोड़ रही है। प्रदेश में खाद की कमी से किसान परेशान हैं, फसल नुकसान को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं और भर्ती घोटालों से युवा मानसिक रूप से त्रस्त हैं।

सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कफ सिरप मौत प्रकरण से लेकर इंदौर एमवाय हॉस्पिटल में बच्चों को चूहों के काटने की घटनाओं तक पर सरकार ने किसी पर कोई भी उचित प्रतिक्रिया नहीं दी। भ्रष्टाचार की कई फाइलें और लोकायुक्त के प्रतिवेदन लंबित हैं, लेकिन सरकार चर्चा से भाग रही है।

कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सत्र को चलने नहीं देती और सवालों से बचती है। पार्टी ने साफ किया है कि विधानसभा में हर मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। शीतकालीन सत्र छोटे समय का जरूर है। विपक्ष की रणनीति से स्पष्ट है कि सदन में तीखी बहस और टकराव देखने को मिल सकता है।

Related Articles

Latest News