केंद्र सरकार ने जीएसटी रिफंड के लिए करदाता के आधार सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। जीएसटी काउंसिल के निर्णय के अनुसार साथ ही अब जीएसटी रिफंड उसी बैंक खाते में आयेगा, जो उसी पैन नंबर के साथ जुड़ा हो, जिस पैन नंबर पर जीएसटी का रजिस्ट्रेशन हुआ होगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स ने जीएसटी नियमों में संशोधन किया है, जिसमें टैक्स चोरी रोकने के विभिन्न उपाय शामिल हैं। जिसमें करदाता को आधार का सत्यापन कराना भी अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही अब केवल उस बैंक अकाउंट में जीएसटी रिफंड भेजा जाएगा, जो उसी पैन नंबर से जुड़ा हो, जिस पैन नंबर के साथ जीएसटी का रजिस्ट्रेशन हो। इसी बैंक अकाउंट के साथ अब आधार का सत्यापन भी कराना होगा।
इसके अलावा सीबीआईसी के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 1 जनवरी 2022 से जिन व्यवसायों ने समरी रिटर्न दाखिल करने और मंथली जीएसटी का पेमेंट करने में चूक की है, वे अगले महीने की जीएसटीआर-1 सेल्स रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। नोटिफिकेशन 17 सितंबर को लखनऊ में जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसलों के अनुरूप है।















