KL Rahul : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कोच वसीम जाफर ने विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल की प्रतिभा की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि तकनीक, शॉट चयन और बल्लेबाजी कौशल के मामले में राहुल किसी भी तरह से विराट कोहली से कम नहीं हैं। हालांकि, जाफर के अनुसार दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर उनकी मानसिकता और निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता का है।
उनका मानना है कि विराट की आक्रामक सोच, हर चुनौती को स्वीकार करने का जज्बा और लगातार खुद को साबित करने की भूख ही उन्हें आधुनिक क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करती है, जबकि राहुल के पास भी वही प्रतिभा है, लेकिन उसे लगातार परिणामों में बदलने की जरूरत है।
दूरदर्शन के कार्यक्रम ‘द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो‘ में बातचीत के दौरान वसीम जाफर ने पंजाब किंग्स के साथ अपने कोचिंग अनुभव साझा किए. उन्होंने केएल राहुल और वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के साथ काम करने के दौरान देखे गए कई पहलुओं का उल्लेख किया. जाफर ने कहा कि राहुल की बल्लेबाजी तकनीक बेहद मजबूत है और तीनों प्रारूपों में उनका प्रदर्शन करने का स्तर शानदार है, लेकिन उनकी क्षमता के अनुरूप आंकड़े अभी और बेहतर हो सकते हैं.
वसीम जाफर ने कहा कि केएल राहुल उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों में हैं जो टेस्ट, वनडे और टी-20, तीनों प्रारूपों में सहजता से खेल सकते हैं. उनकी तकनीक मजबूत है, स्वभाव शांत है और मैदान पर वह संतुलित नजर आते हैं. इसके बावजूद उन्हें लगता है कि राहुल ने अपनी प्रतिभा के अनुरूप अभी तक उतने रन नहीं बनाए हैं, जितनी उनसे उम्मीद की जाती है. उनका मानना है कि राहुल आने वाले वर्षों में भारत और अपनी फ्रेंचाइजी के लिए अभी कई बड़ी पारियां खेल सकते हैं.
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि यदि केवल बल्लेबाजी प्रतिभा और तकनीकी क्षमता की बात की जाए तो केएल राहुल का स्तर विराट कोहली के बराबर है. लेकिन जब बात दबाव में लगातार प्रदर्शन करने, खुद को लगातार बेहतर बनाने और हर मैच में जीत की भूख दिखाने की आती है, तब विराट कोहली अलग नजर आते हैं. जाफर के अनुसार विराट की यही मानसिक मजबूती उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग पहचान दिलाती है.
उन्होंने कहा कि विराट कोहली ने वर्षों तक लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन किया है और हर चुनौती को स्वीकार करते हुए खुद को बेहतर बनाया है. यही कारण है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. जाफर का मानना है कि यदि केएल राहुल भी उसी तरह की मानसिक दृढ़ता और निरंतरता बनाए रखें तो वह भी अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं.
कार्यक्रम के दौरान वसीम जाफर ने पंजाब किंग्स में अपने कार्यकाल के दौरान क्रिस गेल के साथ जुड़े अनुभव भी साझा किए. उन्होंने बताया कि गेल मैदान के बाहर भले ही बेहद शांत और मस्ती करने वाले खिलाड़ी दिखाई देते थे, लेकिन क्रिकेट को लेकर उनका रवैया पूरी तरह पेशेवर था. वह अपने प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और हर मैच में टीम के लिए योगदान देना चाहते थे.
जाफर ने याद किया कि एक आईपीएल नीलामी में शुरुआती दौर में किसी भी फ्रेंचाइजी ने क्रिस गेल को नहीं खरीदा था. बाद में पंजाब किंग्स ने उन्हें अंतिम चरण में अपनी टीम में शामिल किया. उनके अनुसार इतने बड़े खिलाड़ी के लिए यह स्थिति निश्चित रूप से निराशाजनक रही होगी, लेकिन गेल ने इसे कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने उसी चुनौती को अपनी प्रेरणा बनाया और पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए लगभग 500 से 600 रन बनाए.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि क्रिस गेल ने यह साबित कर दिया था कि महान खिलाड़ी परिस्थितियों से हार नहीं मानते, बल्कि उन्हें अपने प्रदर्शन की ताकत बनाते हैं. उनके भीतर अपने खेल के प्रति गहरा सम्मान था और वह जानते थे कि टीम ने उन पर भरोसा जताया है, इसलिए उन्हें हर हाल में उस भरोसे पर खरा उतरना है.
वसीम जाफर के बयान को भारतीय क्रिकेट के दो अलग-अलग पहलुओं के रूप में देखा जा रहा है. एक ओर उन्होंने केएल राहुल की असाधारण प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए उन्हें भविष्य में और बड़े प्रदर्शन करने की सलाह दी, वहीं दूसरी ओर विराट कोहली की मानसिक मजबूती और निरंतरता को सफलता का सबसे बड़ा आधार बताया. साथ ही क्रिस गेल का उदाहरण देकर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि मजबूत मानसिकता, पेशेवर रवैया और लगातार बेहतर करने की इच्छा ही किसी खिलाड़ी को महान बनाती है.











