गरियाबंद. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र तौरेंगा में एक तेंदुआ शिकारियों के जाल में फंस गया था. जाल में फंसने के बाद घायल तेंदुआ दहाड़ रहा था. जिसके बाद ग्रामीणों की सूचना मिलने पर वन विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे और जाल में फंसे तेंदुआ को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र तौरेंगा में झाड़ियो में छिपकर बैठा था. कोकड़ी जंगल में शिकारियो द्वारा जंगली सुअर एवं वन्यप्राणियो के शिकार के लिए लगाये गये फंदे में एक तेंदुआ गुरूवार को शिकारियों के जाल में फंस गया। तेंदुआ के पंजे और गले में तार फंसने के कारण तेंदुआ घायल होकर दहाड़ने लगा। ड्रोन की मदद से जब तेंदुआ का वीडियो लिया गया, जिसमें उनके गले पर गहरा घाव नजर आया. तेंदुआ गंभीर रूप से घायल पाया गया.
एसडीओ ने जान की बाजी लगाकर किया रेस्क्यू
जंगल सफारी की टीम को पहुंचने तक अंधेरा होने की आशंका पर एसडीओ गोपाल कश्यप ने तेंदुआ के रेस्क्यू के लिए जान की बाजी लगाई. उन्होंने खुद तेंदुए को रस्सी को जाल में पकड़कर रेस्क्यू किया. इस दौरान तेंदुए ने उनपर हमला भी किया. तेंदुए को गजराज वाहन में रखे पिंजरे में बंद किया गया. इसके बाद उसे आबादी से दूर स्थित तौरेंगा रेस्ट हाउस लाया गया. डॉक्टर जय किशोर जडिया, सहायक रमाकांत और उनकी टीम ने रात 8 बजे पहुच कर तेंदुए को बेहोश कर गले से दोनों फंदे निकाले और ड्रिप चढ़ाकर इलाज किया, जिससे तेंदुआ को राहत मिली.
उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन पहुंचे घटना स्थल
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुआ के फंदे में फसने की जानकारी लगते ही उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। वन विभाग का पूरा अमला एवं डाॅक्टर की टीम भी मौके पर मौजूद है। घटना की पुष्टि करते हुए श्री जैन ने बताया कि तेंदुआ 4 वर्ष की है और नर है जिसे जाल से सुरक्षित निकाला जा चुका है। आगे की कार्यवाही के बाद जानकारी दी जाएगी।
अज्ञात शिकारियों पर ईनाम घोषित किया गया है. तेंदुआ को शिकार बनाने वाले आरोपियों का पता बताने वालों को 5000-10,000 रूपये का गोपनीय पुरस्कार दिया जाएगा. यह जानकारी डी.एफ.ओ वरुण जैन का मोबाइल नंबर 7568127875 पर बता सकते हैं.











