Impact of the US decision : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खर्ग द्वीप पर प्रस्तावित हमलों को रद्द करने के एलान का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। शुक्रवार, 12 जून को कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन सेंसेक्स और निफ्टी50 दोनों ही मजबूत बढ़त के साथ ग्रीन जोन में खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी50 में 250 अंकों से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
12 जून को इस कारोबारी सप्ताह का आखिरी दिन है. इस दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सेंसेक्स 876.73 अंक के उछाल के साथ 74,709.28 अंक पर ओपन हुआ. जो गुरुवार को 73,832.55 अंक पर खुला था. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1026.61 अंक के ऊच्च स्तर पर कारोबार करता देखा गया. जबकि इसका निचला स्तर 74455.39 रहा. जो कल के बंद के मुकाबले 622.84 अंक अधिक रहा. वहीं शुक्रवार को निफ्टी50 250.95 अंक की तेजी के साथ 23412.55 अंकों पर खुला. जो गुरुवार को 23161.60 के स्तर पर बंद हुआ था. शुरुआती कारोबार में निफ्टी50 23455.95 अंक के उच्चस्तर पर पहुंच गया. जबकि इसका निचला स्तर 23322.65 अंक रहा.
Impact of the US decision : इसलिए अचानक चढ़ा शेयर बाजार
बता दें कि भारतीय शेयर बाजार में आज आए उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वो बयान है. जिसमें उन्होंने ईरान के खर्ग द्वीप पर गुरुवार को होने वाले अपने प्रस्तावित हमलों को रद्द करने का फैसला लिया. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता इसी सप्ताहांत में होने की उम्मीद है. ट्रंप के इस बयान के बाद ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में भी काफी सुधार देखने को मिला. ट्रंप ने कहा कि मिलिट्री हमले रद्द कर दिए गए हैं और शांति वार्ता ईरान के टॉप लीडरशिप के स्तर तक पहुंच गई है.
Impact of the US decision : क्रूड ऑयल की कीमतों में भी गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद कूटनीतिक सफलता की उम्मीदों को बल मिला है. जिससे मिडिल ईस्ट में पिछले तीन महीनों से चल रहे टकराव के खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है. जिसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खोलने का भी रास्ता साफ हो जाएगा. ट्रंप के इस बयान के बाद शुक्रवार के कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली. क्रूड की गिरती कीमतों ने भी शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माहौल पैदा कर दिया.











