नाम– अनुजीत ‘इकबाल’
पता- मकान नम्बर 4, राम रहीम एस्टेट,
मलाक रेलवे क्रोसिंग के पास, नीलमथा,
लखनऊ, उत्तर प्रदेश- 226002
ईमेल पता– anujeet.lko@gmail.com
किताबें प्रकाशित- 4
किताबों के नाम
● Radical English for Nurses
● Applied Grammar and Composition
● The Inner Shrine {Novel}
● Psychology and Psychiatry for Nurses
(भूतपूर्व अंग्रेजी प्रवक्ता)
सम्मान
● 2018- लखनऊ में 16 वें पुस्तक मेले द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की अंग्रेजी
कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एवं सम्मान।
● 2019- लखनऊ में 17वें पुस्तक मेले द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की हिंदी
कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एवं सम्मान
● 2020- राष्ट्रीय पुस्तक मेले में अंग्रेजी कविता में प्रथम स्थान
● विभिन्न संस्थाओं द्वारा लेखन, पेंटिंग और योग के लिए 85 से अधिक सम्मान पत्र
प्रकाशन
देश विदेश की विभिन्न पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में कविताओं का प्रकाशन, जिनमें
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा की “स्त्रवंति”, भारतीय भाषा परिषद की “वागर्थ”,
गर्भनाल पत्रिका, जानकीपुल, पोषम पा, विभोम स्वर, नवभारत टाईम्स, हम
हिंदुस्तानी अमेरिका, हिंदी अब्रॉड कैनेडा, साहित्य कुंज कैनेडा इत्यादि
शौक
●अंग्रेजी एवं हिंदी की कविता, कहानियां लिखना
● ऐक्रेलिक पेंटिंग बनाना {आध्यात्म पर}
● शास्त्रीय संगीत सुनना
● अष्टांग योग
अद्वैत-(खजुराहो में)
‘प्रेम’ भाषाज्ञान के हस्तक्षेप से मुक्त है
और किस लिपि में लेख्य है कुछ पता नहीं
शब्दविधान कहाँ सोख पाते हैं
प्रेम की दिव्यसरित को
ईश्वर के स्पर्श को लिखने का दुस्साहस
भला कोई कभी कर पाता है?
इतना अनंत, विस्तारित विषय है कि
प्रेम किसी से मात्र ‘संबंध’ न रह कर
निज का ‘स्वभाव’ बन जाता है
फिर, समय, दूरी, अलगाव के अवरोध
निरर्थक हो जाते हैं
कितनी रहस्यमयता है इन मार्गों पर
जहां कोई ‘दूसरा’ बचता ही नहीं
सब ‘एक’ में समाहित हो जाता है
गिनती तो द्वैतात्मिका का भाव है
और अंतरंगता में दो का काम नहीं















