अनामिका गुप्ता
अध्यापिका
हे जगजननी मां अंबे
आए हैं तेरे नवरात्रि प्यारे
देर ना कर अब तू ओ अंबे
जब जब इस धरती पर माता
दुष्टों ने डेरा डाला है
तब तब माता आकर तूने
भक्तों को अपने संभाला है
तेरे चरणों में शीश झुकाते हैं
अब देर न कर तू ओ अंबे
आए हैं तेरे नवरात्रे प्यारे
हे जग जननी मां अंबे
तू लक्ष्मी है तू काली है
सब संकट हरने वाली है
रोग शोक सब दूर करें
अष्ट सिद्धि नौ निधि देने वाली है
अब देर न कर तू ओ अंबे
आए हैं तेरे नवरात्रि प्यारे
हे जग जननी मां अंबे
भक्तों की सुन लो ओ अंबे
तेरे भक्त पुकारे जगदंबे
हे जग जननी मां अंबे















