आदि शंकराचार्य चौक स्थित समन्वय सेवा केंद्र के जय नारायण सभागार में आयोजित समन्वय साधना प्रवचन माला के द्वितीय दिवस पर पंडित बृजेश पाठक ने श्री राम कथा पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा बिना हरि कृपा के सत्संग नहीं मिलता है।
सत्संग बीज की तरह होता है और बाकी साधन सब शाखाएं हैं।लौकिक और पारलौकिक प्राप्ति के लिए सत्संग की ही महिमा है ।यदि आप अपने जीवन में पवित्र बुद्धि प्राप्त करना चाहते हैं ,विवेक प्राप्त करना चाहते हैं और सद्गति चाहते हैं तो सत्संग अवश्य करिए। सभी संतो और महात्माओं ने सत्संग की बहुत महिमा गायी है।
कथा प्रारंभ होने के पूर्व पंडित बृजेश पाठक महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ,शोभा दीदी, नारायण बुधरानी और सुधीर बुधरानी द्वारा श्री राम दरबार का पूजन अर्चन किया गया कार्यक्रम में बृजेंद्र कुमार उपाध्याय, वैभव यादव, मदन मोहन पांडे, डॉक्टर अजय तिवारी,भोला साहू ,पवन खेड़ा, रामवीर सिंह सोलंकी, श्रीमती निशा सोलंकी, जितेंद्र चौहान और कमल से कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।











