Thursday, April 23, 2026
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WCR : इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट – 100+ किमी नई लाइन/दोहरीकरण से नेटवर्क का बड़ा विस्तार

WCR : पश्चिम मध्य रेल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए रेल नेटवर्क के विस्तार एवं क्षमता वृद्धि में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

विभिन्न नई लाइन, दोहरीकरण एवं तिहरीकरण परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया गया है। इस अवधि में पश्चिम मध्य रेल द्वारा नई लाइन निर्माण (64 किमी), दोहरीकरण (12 किमी) एवं तिहरीकरण (25 किमी) का कार्य पूर्ण कर परिचालन हेतु समर्पित किया गया है।

WCR : नई लाइन परियोजनाओं के अंतर्गत प्रमुख उपलब्धियां:

1) ललितपुर–सिंगरौली नई लाइन परियोजना (541 किमी):- ललितपुर–खजुराहो–सतना–पन्ना–रीवा–सिधी–सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना प्रगति पर है। ललितपुर–खजुराहो खंड (229 किमी) पूर्ण कर एनसीआर को हस्तांतरित किया जा चुका है। शेष 312 किमी में से पश्चिम मध्य रेल ने अब तक 84 किमी रेलखंड कमीशन किया जा चुका है। पश्चिम मध्य रेल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस परियोजना के 03 महत्वपूर्ण सेक्शन सफलतापूर्वक चालू कर कमीशन किए गए जो इस प्रकार है।

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WCR : बघवार–रामपुर नैकिन (9 किमी) — अक्टूबर 2025
बरेठिया–नागौद (11.50 किमी) — नवंबर 2025
नागौद–फुलवारी (15 किमी) — मार्च 2026

2) रामगंजमंडी–भोपाल नई लाइन परियोजना (276.5 किमी):- रामगंजमंडी–भोपाल नई रेल लाइन परियोजना कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना रामगंजमंडी–अकलेरा–नयागांव–सोनकच्छ–नरसिंहगढ़–भोपाल मार्ग को जोड़ती है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत कुल 276.50 किमी में से 186.70 किमी लंबाई के विभिन्न खंडों को अब तक चालू (कमीशंड) किया जा चुका है। शेष 89 किमी भाग पर कार्य तीव्र गति से जारी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस परियोजना के 02 महत्वपूर्ण सेक्शन सफलतापूर्वक चालू कर कमीशन किए गए जो इस प्रकार है।

WCR : जरखेड़ा–श्यामपुर (11 किमी) — 31 जुलाई 2025
खिलचीपुर–राजगढ़ (18 किमी) — मार्च 2026
WCR : दोहरीकरण (Doubling) के अंतर्गत प्रमुख उपलब्धियां: 1) बीना–कटनी तृतीय लाइन (3rd Line):- बीना–खुरई–सागर–दमोह–कटनी खंड (259.91 किमी) पर तृतीय लाइन परियोजना के विभिन्न सेक्शनों में 234.91 किमी कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

शेष 25 किमी का कार्य लक्ष्य अवधि 2025-26 में पूर्ण करते हुए पूरी 259.91 किमी परियोजना का कमीशनिंग कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस परियोजना के 02 महत्वपूर्ण सेक्शन सफलतापूर्वक चालू कर कमीशन किए गए जो इस प्रकार है।

WCR : असलाना–पथरिया (14 किमी) — जनवरी 2026
घटेरा–बांदकपुर (11 किमी) — जनवरी 2026
WCR : 2) सतना–रीवा दोहरीकरण परियोजना:- सतना–हिनौतारामबन–बघई रोड–तुर्की रोड-रीवा (कुल 50 किमी) डबल लाइन परियोजना के अंतर्गत 41 किमी कार्य पूर्ण किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस परियोजना के 01 महत्वपूर्ण सेक्शन सफलतापूर्वक चालू कर कमीशन किए गए जो इस प्रकार है।

 बघई रोड–तुर्की रोड (10 किमी) — मार्च 2026

3) कटनी–सिंगरौली दोहरीकरण परियोजना:- कटनी–खन्नाबंजारी–ब्योहारी–निवास रोड–सिंगरौली (कुल 264.60 किमी) परियोजना में 220.88 किमी कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्य प्रगति पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस परियोजना के 01 महत्वपूर्ण सेक्शन सफलतापूर्वक चालू कर कमीशन किए गए जो इस प्रकार है।

WCR : झलवारा–कटंगी खुर्द (1.80 किमी) — जून 2025

इन परियोजनाओं के चालू होने से क्षेत्रीय रेल संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं एवं माल परिवहन को नई गति प्राप्त हुई है। यह उपलब्धियां क्षेत्रीय आर्थिक विकास, औद्योगिक गतिविधियों एवं व्यापार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

पश्चिम मध्य रेल द्वारा किए गए ये प्रयास भारतीय रेल को आधुनिक, सुरक्षित एवं अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। भविष्य में भी इस प्रकार की परियोजनाओं के माध्यम से रेल अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

West Central Railway ने इन्फ्रास्ट्रक्चर कमीशनिंग के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नई लाइन, दोहरीकरण, तिहरीकरण और रेल फ्लाईओवर जैसे प्रोजेक्ट्स के तहत वर्ष 2025 में कुल 143 किलोमीटर नवनिर्मित ट्रैक का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया।

इसमें 87 किमी नई रेल लाइन, 40 किमी मल्टी-ट्रैकिंग (दोहरीकरण एवं तिहरीकरण) और 15.85 किमी लंबे कटनी अप ग्रेड सेपरेटर (रेल फ्लाईओवर) का कार्य शामिल है। यह विस्तार क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

नई रेललाइन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लगातार प्रयासों के चलते नवनिर्मित रेलखंडों पर रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा सफल निरीक्षण और हाई-स्पीड ट्रायल भी कराए गए। यह उपलब्धि रेलवे की सुरक्षित, आधुनिक और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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