Sunday, July 26, 2026
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सुना दो कोई गीत: सचिन मिश्र

मैं एक रोज तुमसे मिलूंगा वहीं,
जिस राह पे तुमने था छोड़ा कभी

तुम्हीं ने कहा था मिलेंगे हम
अगले जन्म में कहीं ना कहीं,
मैं तुम्हें याद करके बरसों तलक
ऐसे बैठा हूं जैसे बैठा अभी के अभी,

ये मोहब्बत की बातें ये किस्से कहानी
तुम्हीं ने सुनाया था पहले कभी,
अब बातों को याद करके अचानक
ठहर सा जाता हूं मैं अंदर से बाहर,

अब तुम्हीं तो सुना दो कोई गीत
मुझको जिसको सुनते ही
सो जाऊँगा मै अभी के अभी,

तुम बदलो न देखो मौसम की तरह
रहने दो ये हवाएं, फिजाएं, ये कलियों की तरह,
मैं खुद को बदल लूँ तुम्हारी कसम,
एक बार बस तुम कह दो अभी के अभी,

कुछ ख़्वाब थे कुछ थे अरमा जगे,
जैसे सुर-ताल से कोई गीत सजे,
मैं सुना दूंगा महफिल में नगमा कोई
तुम सुनो तो सुनेगा जमाना सभी का सभी,

एक फूल जैसे खिल सा गया हो,
कलियों से भौरां मिल सा गया हो,

महकता रहूंगा मैं सदियों तलक
एक खुश्बू का झोका दे दो मुझे,
मैं तेरी चमक से चमकता रहूं सदा
तुम मुझे देख लो बस अभी के अभी,

एक रोज मिलने का वादा हुआ,
वादे में जैसे कोई इरादा हुआ,
मिलेंगे वही थे बिछड़े जहां,
हुआ था शुरू मोहब्बत का किस्सा जहाँ,

बेगैरत सा हो गया हूं मैं अब,
तुम मुझे थाम लो बस अभी के अभी
मैं एक रोज तुमसे मिलूंगा वही
जिस राह पर तुमने था छोड़ा कभी

सचिन मिश्र ‘मिज़ाजी’
भिवानी, हरियाणा
संपर्क- 7404624679

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