मुख्यमंत्री बुलाएं बिजली कर्मियों की महापंचायत, विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति ने सौंपा 13 सूत्रीय मांग पत्र

मध्य प्रदेश विद्युत संघर्ष समिति ने बिजली कंपनियों के मुख्यालय शक्ति भवन बेरियर के समक्ष आज शुक्रवार की शाम 6:30 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम से विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती बिजली कंपनियों प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया।जिसमें समस्त विद्युत कर्मी नियमित, संविदा, आउटसोर्स कर्मी, अनुकंपा आश्रित, सेवानिवृत्त कर्मियों की पीड़ा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।

आज एक साथ मध्य प्रदेश के 52 जिलों में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान संगठनों के पदाधिकारियों के द्वारा यह घोषणा की गई कि मध्य प्रदेश विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा सभी कैडर की मांग को ध्यान में रखकर संयुक्त संघर्ष समिति ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹15000 तय किया जावे, उनका जीवन सुरक्षित रखने के लिए मानव संसाधन नीति का निर्माण किया जावे, कंपनी में उनका संविलियन करते हुए ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जावे, इसके साथ ही बीमा जॉब सिक्योरिटी की मांग की गई है।

वहीं संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की 4 जुलाई की घोषणा के अनुसार आदेश प्रसारित करने, इंटर कंपनी ट्रांसफर, 2013 के संविदा कर्मियों को नियमित करने, नियमित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न मांगों कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, फ्रिंज बेनिफिट जो 20 साल से नहीं दिया गया है, दिए जाने, निजीकरण ना करने, फीडर केडर क्लास समाप्त करने, पेंशन और बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने जैसी मांग रखी गई है।

इसके लिए मुख्यमंत्री से विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति ने मांग की है कि शीघ्र ही बिजली महापंचायत बुलाकर समाधान किया जावे। इसके साथ ही विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में 7 अगस्त को इंदौर में, 8 अगस्त को जबलपुर में तथा 12 अगस्त को भोपाल में विशाल आम सभा रखी गई है।

ज्ञापन सौंपते समय संघर्ष समिति के अजय मिश्रा, नितिन, हरेंद्र श्रीवास्तव, अजय कश्यप, मोहन दुबे, लखन सिंह राजपूत, पीएस मथारू, श्री नेरकर, मोहन श्रीवास, कमल सिंह ठाकुर, सिद्धार्थ खरे, राकेश बाजपेई, जय कुमार तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।