नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ नामीबिया को 93 रन से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार के बाद कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने माना कि मुकाबला 6 से 10 ओवरों के बीच टीम के हाथ से निकल गया।
अरुण जेटली स्टेडियम की पिच पर बात करते हुए इरासमस ने कहा कि उन्हें विकेट में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। उनके मुताबिक असली फर्क भारत के गेंदबाजों की गुणवत्ता ने पैदा किया, खासकर मिडिल ओवर्स में। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही चरण मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
भारत की जीत में वरुण चक्रवर्ती का स्पेल सबसे अहम रहा। इरासमस ने स्वीकार किया कि उनके ओवरों ने नामीबिया की रन-चेज की कमर तोड़ दी। कप्तान ने यह भी कहा कि दूसरी पारी में हल्की ओस के कारण स्पिनर्स को मुश्किल हो सकती थी और एक समय 26 ओवरों के बाद टीम मुकाबले में बनी हुई महसूस कर रही थी, लेकिन स्थिति तेजी से बदल गई।
जेजे स्मट्स ने भले ही चार ओवर में 50 रन देकर एक विकेट लिया, लेकिन डेथ ओवर में उन्होंने सिर्फ तीन रन खर्च किए और भारत के दो विकेट भी गिरे। इरासमस ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि पावरप्ले के बाद वापसी कर प्रभाव डालना टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि उन्होंने माना कि पारी की शुरुआत और अंत को बड़ी टीमों के स्तर तक ले जाना अब भी चुनौती बना हुआ है।
आगे की रणनीति पर बोलते हुए इरासमस ने कहा कि चेन्नई की परिस्थितियां उनकी टीम के अनुकूल हो सकती हैं। उनका मानना है कि टीम अभी अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। बल्लेबाजी में प्रतिभा होने के बावजूद खिलाड़ी लगातार सही क्षेत्रों में शॉट नहीं लगा पा रहे, जिससे मजबूत नींव तैयार नहीं हो पा रही।
नामिबियाई कप्तान ने भरोसा जताया कि टीम दौरे के दौरान अपने खेल स्तर को बेहतर करने की कोशिश करेगी और आगामी मुकाबलों में मजबूती से वापसी करेगी।











