Friday, April 24, 2026
Homeमध्य प्रदेशमध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में 10 दिनों में 5 आउटसोर्स कर्मियों...

मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में 10 दिनों में 5 आउटसोर्स कर्मियों की मौत, चार करंट से झुलसे

मध्य प्रदेश में उपभोक्ताओं के घरों में तीन विद्युत वितरण कंपनी बिजली आपूर्ति करती हैं, उपभोक्ताओं की निर्बाध बिजली मिल सके और विद्युत तंत्र का मेंटेनेंस सुचारु हो सके इसके लिए बिजली कंपनियों में आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती की है।

आउटसोर्स कर्मी वो होते हैं जो किसी निजी मैनपावर कंपनी या ठेकेदार के माध्यम से निजी कंपनी के पे-रोल पर बिजली कंपनी में पदस्थ होते हैं, इन्हें कोई सुविधा दी जाती है और न ही इनके लिए कोई श्रम नियम लागू होता है। खासतौर पर जब कोई हादसा होता है तो ठेका कंपनी अपनी जिम्मेदारी से मुकर जाती है और जिस बिजली कंपनी के लिए आउटसोर्स कर्मी जान की बाजी लगा देता है, वो बिजली कंपनी आउटसोर्स कर्मी को अपना कर्मचारी मानने से ही इनकार कर देती है।

मध्य प्रदेश में विगत 10 दिनों में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में 5 आउटसोर्स कर्मियों की मौत हो गई और चार आउटसोर्स कर्मी करंट में झुलस कर घायल हो चुके हैं। बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन संयोजक मनोज भार्गव, प्रदेश महामंत्री राहुल मालवीय, प्रदेश प्रभारी दिनेश सिसौदिया एवं पूर्व क्षेत्र सहसचिव सतीश साहू ने बताया कि आउटसोर्स कर्मी रामलाल (आगर मालवा), रामदास सैयाम (सिवनी), देवा कुरुवेती (मंडला) मुकेश भूरिया (बदनावर-धार) एवं दशरथ पिता ख्यालीराम (पिपलिया) की कार्य के दौरान मौत हो गई।

वहीं प्रकाश सोंधिया (रीवा), विजय अटोलिया (धार), राकेश माली (रतलाम) और अजय दुबे ( जबलपुर) करंट में झुलस कर घायल हैं। कर्मचारी संगठन ने कहा कि घायल आउटसोर्स कर्मचारी आर्थिक अभाव में अस्पतालों में मृत्यु से लड़ रहे हैं, जिनकी मदद करने के लिए न बिजली कंपनी और न आउटसोर्स एजेंसी आगे आ रही है, जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

उन्होंने बिजली कंपनी प्रबंधन और सरकार की गलत नीतियों की घोर निंदा करते हुए घायल कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और मृत कर्मचारी के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

Related Articles

Latest News