जबलपुर/सागर। एमपी के जबलपुर-सागर रोड स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगल में एक युवक विकास सिंह की खून से लथपथ लाश मिलने से सनसनी फैल गई।
वन विभाग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सागर के शासकीय अस्पताल पहुंचा दिया। वहीं परिजनों का आरोप है कि विकास की हत्या के बाद लाश को जंगल में फेंक दिया गया ह ताकि जंगली जानवर खा जाए और यह एक हादसा लगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जबलपुर-रहली मार्ग पर टाइगर रिजर्व के अंदर विस्थापित ग्राम मुहली के पास जंगल में युवक का शव पड़ा था। गश्त कर रहे वनकर्मियों ने जब शव देखा तो तत्काल रहली पुलिस को सूचना दी। रहली थाना प्रभारी सुनील शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
वहां खड़ी बाइक के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान विकास उम्र 30 वर्ष पिता मनोहर सिंह राजपूत निवासी बाईसा मोहल्ला सागरद्ध के रूप में हुई।
आज सुबह डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम ने वारदातस्थल की बारीकी से जांच कर सबूत इक_े किए। मृतक के भाई अविनाश सिंह ने पुलिस को बताया कि विकास धुरेड़ी की दोपहर करीब 1.30 बजे घर से निकला था।
जब वह देर तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे फोन लगाया, लेकिन उसका मोबाइल बंद आ रहा था। इसी बीच पुलिस से उन्हें घटना की सूचना मिली। जिसपर परिवार के लोग सागर से रहली पहुंचे। भाई का कहना है कि भाई विकास की हत्या कर लाश को जंगल में फेंक दिया गया है, यह एक साजिश है।
उनका कहना था कि विकास सागर से करीब 60 किलोमीटर दूर इस घने जंगल में कैसे पहुंच गया। विकास की किसी से कोई बुराई नहीं थी और वह शराब भी नहीं पीता था। घटनास्थल पर उसकी बाइक खड़ी मिली हैए लेकिन चाबी गायब है, जबकि मौके पर उसकी चप्पल और इयरफोन पड़े मिले हैं।











