Friday, April 24, 2026
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एक और बिजली अधिकारी ने स्वीकारा- नियमित कर्मचारियों की अत्यधिक कमी

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव की नेतृत्व में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत जबलपुर ग्रामीण सर्किल के जबलपुर ग्रामीण डिवीजन के कार्यपालन अभियंता नीरज परस्ते से संघ प्रतिनिधि मंडल ने तकनीकी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के 16 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि उनके डिवीजन नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मात्रा में है। हमारे द्वारा सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण की किट वितरण की गई है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि हमारे डिवीजन में 33X11 केवी के 34 सब स्टेशन हैं, प्रत्येक सब -स्टेशन में तीनों शिफ्ट में तीन आउटसोर्स कर्मी, ऑपरेटर एवं एक हेल्पर सहित कुल चार कर्मचारी लगे हुए हैं। जब उनसे पूछा गया कि अगर अचानक किसी ऑपरेटर को हार्ट अटैक आ जाए तो आप क्या करेंगे, क्योंकि सब-स्टेशन में सिर्फ एक ऑपरेटर ही रहता है तो उन्होंने कहा कि ऑपरेटर के साथ हेल्पर भी होना चाहिए, क्योंकि कभी भी कोई भी समस्या आ सकती है। आए दिन देखने में और सुनने में आ रहा है कि किसी भी सर्विस स्टेशन के अंदर घुसकर असामाजिक तत्वों के द्वारा मारपीट की जा रही है और ये जरूरी भी है कि ऑपरेटर को विद्युत सर्विस स्टेशन के अंदर किसी सुरक्षा उपकरण या अन्य कार्य के लिए हेल्पर का होना अतिआवश्यक है।

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि हमारे डिवीजन में 12 डीसी है उनके अंतर्गत 13,500 ट्रांसफार्मर हैं, इस पर उनसे पूछा गया कि आपके क्षेत्र में हमेशा बिजली बंद होने की शिकायत आती है जिससे उपभोक्ताओं को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे पास तांबे के फ्यूज तार एवं डीयू फ्यूज पर्याप्त मात्रा में न होने की वजह से परेशानी होती है, क्योंकि अत्यधिक लोड ज्यादा होने की वजह से एल्युमिनियम के तार पिघल जाते हैं, हमारा यह प्रयास है कि लोड के हिसाब से देव फ्यूज एवं डिसटीब्यूशन बॉक्स में अल्मुनियम की पट्टी की जगह 200 एवं 300 एंपियर की कटआउट लगा दिए जावे, जिससे कर्मचारी को सुरक्षित होकर कार्य कर सकें।

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि हमारे डिवीजन 33X11 केवी की लाइन लगभग 130 किलोमीटर है, इस पर उनसे पूछा गया कि लाइन के नीचे गार्डिंग तार क्यों नहीं है, इस पर उन्होंने कहा कि पूरे संभाग की 12 डीसी में पदस्थ कनिष्ठ अभियंताओं से सर्वे रिपोर्ट बुलाकर पहले रोड क्रॉसिंग की लाइनों में गार्डिंग तार खींची जाएगी, उसके बाद अन्य जगह।

कार्यपालन अभियंता से पूछा गया कि आपका संभाग में एलटीएसटी पोल तिरछी है, इस पर उन्होंने कहा कि सभी डीसी में सर्वे कर कर शीघ्र मेंटेनेंस का कार्य किया जावेगा। कार्यपालन अभियंता से पूछा गया कि परीक्षण सहायक से मूल कार्य न कराते हुए अन्य कौन सा कार्य कराया जा रहा है, जिस पर उन्होंने कहा कि हमारे पास केवल पांच नियमित परीक्षण सहायक हैं, उनसे 33X11 केवी सब-स्टेशन में ऑपरेटर का ही कार्य लिया जा रहा है। कार्यपालन अभियंता से पूछा गया कि तकनीकी कर्मचारी से लगातार नाइट ड्यूटी कराई जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, इस पर उन्होंने कहा कि हमारे संभाग में हर सप्ताह नाइट ड्यूटी रोटेशन में चलती है। कार्यपालन अभियंता से पूछा गया कि अवकाश के दिनों में नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारी को क्यों बुलाते हैं, इस पर उन्होंने कहा कि हमारे संभाग के कर्मचारियों को अवकाश के दिन नहीं बुलाते हैं उन्हें श्रम नियम के अनुसार सातवें दिन अवकाश दिया जाता है।

कार्यपालन अभियंता से पूछा गया कि पिछले 3 वर्षों से निर्मित संविदा कर्मचारियों को एक्स्ट्रा वेजेस नहीं दिया गया है, इस पर उन्होंने कहा कि नियम अनुसार नियमित एवं संविदा कर्मचारियों को एक्स्ट्रावेजेस दिया जा रहा है। हमारे संभाग में कोई भी केस पेंडिंग नहीं है। कार्यपालन अभियंता से पूछा गया की चार प्रकार के आउटसोर्स कर्मचारी कार्य करते हैं, उनका कार्य करने की अधिकृत सूची क्यों नहीं दी गई एवं जोखिम भत्ता क्यों नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब लिखित दिया जावेगा। कार्यपालन अभियंता से पूछा गया कि आपकी 34 सब-स्टेशनों में पर्याप्त रोशनी, ऑपरेटर को बैठने के लिए कुर्सी फर्नीचर, आग बुझाने का यंत्र, हास्टेड बॉक्स आदि की क्या व्यवस्था है? इस पर उन्होंने कहा कि हम सभी 34 सब-स्टेशनों का सर्वे कराकर शीघ्र कार्यवाही की जावेगी।

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि हमारे संभाग के अंतर्गत 12 डीसी है, उन सभी में 1,25,000 उपभोक्ता है। ट्रांसफार्मर की संख्या 13,500 है 63 फीडर हैं। 34 सब-स्टेशन हैं। मीटर रीडर 140 है। परीक्षण सहायक केवल पांच हैं। आउटसोर्स कर्मचारी 350 हैं। नियमित एवं संविदा 130 कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा की नियमित कर्मचारियों की अत्यधिक कमी है, इसकी जानकारी लगातार कंपनी प्रबंधन को भेजी जाती है।

संघ के साथ कार्यपालन अभियंता नीरज परस्ते से सभी 16 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिस पर उन्होंने कहा कि आपके द्वारा दिये गए पत्र की जानकारी शीघ्र दी जावेगी।

संघ की ओर से अजय कश्यप, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, किशोर पड़कर, जगदीश मेहरा, राजेश झरिया, प्रदीप पांडे आदि उपस्थित थे।electricity

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