बिजली अधिकारियों की शय पर ठेकेदारों की मनमानी बदस्तूर जारी है और बेलगाम हो चुके ठेकेदार बार-बार बिजली कंपनी प्रबंधन का आदेश दरकिनार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डिंडोरी में कार्यपालन अभियंता के अधीनस्थ कार्यरत 64 आउटसोर्स कर्मियों को विगत तीन महीने का वेतन, 11 माह का एरियर एवं जोखिम भत्ता, बोनस, पीएफ आदि का भुगतान ठेका कंपनी ऑल सर्विस ग्लोबल मुंबई द्वारा नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि संघ की सक्रियता के चलते और कंपनी प्रबंधन के साथ किये गए पत्राचार के बाद ठेका कंपनी ऑल सर्विस ग्लोबल मुंबई ने आउटसोर्स कर्मियों के खाते में सिर्फ एक माह का वेतन अंतरित किया है।
दूसरी ओर जबलपुर सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता के दावों के बावजूद जेसू पूर्व संभाग के कार्यपालन अभियंता के अधीनस्थ कार्यरत क्रिस्टल कंपनी के द्वारा आउटसोर्स कर्मियों को 11 माह के एरियर का भुगतान नहीं किया गया। वहीं जबलपुर सिटी सर्किल के दक्षिण संभाग के कार्यपालन अभियंता के अधीनस्थ कार्यरत उर्मिला कंपनी के द्वारा भी आउटसोर्स कर्मियों को 11 माह के एरियर का किस्तों में भुगतान किया जा रहा है, उसमें भी अभी तक एक ही किस्त दी गई है।
हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इसी तरह टीकमगढ़ की ठेका कंपनी डीजी नकरानी के द्वारा आउटसोर्स कर्मियों को अभी तक 11 माह के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि कंपनी प्रबंधन द्वारा समय पर वेतन और एरियर के भुगतान के लिए आदेशित किया जा चुका है। लेकिन कंपनी प्रबंधन के आदेश को न मैदानी अधिकारी मान रहे हैं और न ही ठेका कंपनियां इसका पालन कर रही हैं।
संघ के केएन लोखंडे, शशि उपाध्याय, दशरथ शर्मा, मोहन दुबे, अजय कश्यप, राजकुमार सैनी, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, किशोर पड़कर, इंद्रपाल सिंह, राजेश झरिया, संदीप दीपांकर आदि ने पूर्व क्षेत्र कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मियों को वेतन और एरियर का भुगतान यथाशीघ्र कराया जाये।









