मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने लिपिक एवं सहायक ग्रेड-3 के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति की तारीख से तीन वर्ष के अंदर सीपीसीटी कोर्स करने की शर्त को गलत बताया है। शासन की कर्मचारी हित की इस योजना का पूरा लाभ तभी अनाथ बच्चों एवं विधवा महिलाओं को प्राप्त हो सकेगा, जब अनुकंपा नियुक्ति बिना शर्त डि जाए।
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव (वायु) ने बताया है कि अनुकंपा नियुक्ति से लिपिक के पद पर भर्ती अनेक कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा तीन वर्ष में उत्तीर्ण ना करने के कारण वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया जा रहा है। साथ ही इस अवधि में सीपीसीटी की परीक्षा उत्तीर्ण न करने वालों की सेवाएं समाप्त होने की शर्त भी रखी जाती हैं।
अनुकंपा नियुक्ति पर रखे गए मृत कर्मी के अनाथ बच्चों और उनकी विधवा पत्नि की उम्र भी अधिक होती है, कंप्यूटर का ज्ञान भी न होने के कारण यह कोर्स नहीं कर पा रहे हैं।
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला संयोजक अटल उपाध्याय, सह संयोजक देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, नरेश शुक्ला, नरेंद्र सेन, एसपी बाथरे, योगेंद्र मिश्रा, सतीश उपाध्याय, विनय नामदेव, अजय दुबे, अर्जुन सोमवंसी, रवि बांगड़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अनुकंपा नियुक्ति में लागू सीपीसीटी परीक्षा की शर्त को समाप्त कर सभी नियुक्त कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग की है।











