मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रफुल्ल घाटोड ने अदम्य साहस और असाधारण हिम्मत का परिचय देकर इतिहास रच दिया। 40 मीटर ऊँचाई और सैकड़ों फीट गहरी खाई के बीच स्थित मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र की अति महत्वपूर्ण इंटरस्टेट ट्रांसमिशन लाइन पर उन्होंने मंकी क्रॉलिंग तकनीक से 90 मीटर की दूरी तय कर कठिन सुधार कार्य को अंजाम दिया।
उनकी इस उपलब्धि से दोनों राज्यों के बीच पावर ट्रांसमिशन सिस्टम अल्प समय में पुनः सुचारु हो सका।उनके इस अति विशिष्ट कार्य के लिए उन्हें जबलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर हुए समारोह में पुरस्कृत किया गया।
आमतौर पर ट्रांसमिशन लाइनों पर बेल्ट के सहारे सीमित दूरी ही तय की जाती है, लेकिन ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस छिंदवाड़ा में पदस्थ कार्मिक प्रफुल्ल घाटोड द्वारा 90 मीटर की दूरी तय कर फाल्ट सुधारना एक दुर्लभ और मिसाल कायम करने वाला कार्य है।
उल्लेखनीय है कि 220 केवी की इस लाइन पर पांढुरना जिले के ग्राम बढ़चिचोली के पास आकाशीय बिजली गिरने से इंटरस्टेट पावर सप्लाई बाधित हो गई थी। जिस टावर पर फॉल्ट आया, वह अत्यंत दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित था। खाई, ऊँचाई और विपरीत मौसम और अंधकार के कारण वहाँ तक पहुँचना बेहद कठिन था। ऐसे में स्वयं आगे बढ़कर घाटोड ने रात्रि काल में ही इस कठिन चुनौतीपूर्ण कार्य को सटीकता और उत्कृष्टता से पूरा किया।
कंपनी ने किया सम्मानित
उनके इस अद्भुत कार्य के लिए एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने जबलपुर में आयोजित समारोह में प्रफुल्ल घाटोड को सम्मानित किया।










