मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि जूनियर इंजीनियर रंजन पांडे के आदेश पर सुधार कार्य करने पोल पर चढ़ा आउटसोर्स कर्मी प्रताप रजक करंट लगने के कारण 15 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिर गया था और गंभीर रूप से घायल हो गया था। आउटसोर्स कर्मी की इलाज के दौरान आज सुबह मृत्यु हो गई।
हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत जबलपुर ग्रामीण सर्किल के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पाटन संभाग की शाहपुरा डीसी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी प्रताप रजक उम्र 45 वर्ष को 28 जून 2025 की शाम जूनियर इंजीनियर रंजन पांडे ने आदेशित करते हुए भमकी गांव सुधार कार्य के लिए भेजा था। जहां उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घरों में करंट आ रहा है। जिसके बाद आउटसोर्स कर्मी पोल पर चढ़कर कार्य कर रहा था, तभी उसे करंट का झटका लगा और वह 15 फीट की ऊंचाई से जमीन पर आ गिरा।
15 फीट की ऊंचाई से गिरने की वजह से उसके सिर एवं रीड की हड्डी में गंभीर चोट आई थी। उसे तत्काल जबलपुर लाकर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया था। जहां इलाज के दौरान आज सुबह लगभग 6 बजे आउटसोर्स कर्मी प्रताप रजक की मृत्यु हो गई।
आउटसोर्स कर्मी प्रताप रजक रतन एंपोरियम प्राइवेट लिमिटेड सिक्योरिटी सर्विस के माध्यम से पूर्व क्षेत्र कंपनी में पदस्थ रहा। ठेकेदार के द्वारा ईएसआईसी ग्रुप इंश्योरेंस कराया जाता है, जिसके तहत श्रमिकों का इलाज कराया जाता है लेकिन जामदार हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद अस्पताल में ग्रुप इंश्योरेंस कार्ड ना चलने की वजह से कर्मी के परिवार के द्वारा 3 जुलाई 2025 तक लगभग 1,50,000 रुपये ब्याज से पैसे लेकर इलाज कराया गया। आउटसोर्स कर्मी के दो लड़के एक लड़की है।
हरेन्द्र श्रीवास्तव ने पूर्व क्षेत्र कंपनी प्रबंधन से पूछा है कि उसके तीनों बच्चों का पालन-पोषण कौन करेगा। कंपनी द्वारा मृत्यु के बाद 4,00,000 रुपये देकर फाइल बंद कर दी जाती है। आउटसोर्स कर्मियों के लिए पिछले 20 वर्षों में कंपनी प्रबंधन के द्वारा कोई भी नीति नहीं बनाई गई है, न ही कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है।
संघ के मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, दशरथ शर्मा, विनोद दास, शशि उपाध्याय, इंद्रपाल सिंह, संदीप दीपांकर, राजेश झरिया, लखन सिंह राजपूत, किशोर पड़कर, वीरेंद्र विश्वकर्मा आदि ने निजी ठेका कंपनी एवं पूर्व क्षेत्र कंपनी प्रबंधन से आउटसोर्स कर्मी के दाह संस्कार के लिए 50,000 रुपये सहायता राशि एवं परिजनों के लिए 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।










