जबलपुर। एमपी के बांधवगढ़ नेशनल पार्क के आसपास कथित अवैध गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है।
सुनवाई संजीव सचदेवा और विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने प्रमुख सचिव राजस्व, वन विभाग के सचिव, कलेक्टर उमरिया, सीसीएफ भोपाल, रीजनल डायरेक्टर बांधवगढ़, डीएफओ उमरिया, नगर पालिका मानपुर व संत रविदास संभागीय समाज सेवा समिति को नोटिस जारी किए हैं।
याचिकाकर्ता समाजसेवी राजनारायण भट्ट की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार द्विवेदी ने पक्ष रखते हुए कहा कि नेशनल पार्क के कोर एरिया में गैर-वन्य गतिविधियां कराई जा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ हैं। दलील दी गई कि संत रविदास संभागीय समाज सेवा समिति द्वारा अनुमति लेकर जंगल क्षेत्र में सोशल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं साथ ही निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं।
याचिका में कहा गया है कि वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में केवल वन्य जीवों से संबंधित गतिविधियां ही अनुमत हैं। इसके बावजूद अन्य गतिविधियों का संचालन नियमों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं कीए जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। अब सभी की नजर 27 अप्रैल की सुनवाई पर है, जहां कोर्ट राज्य सरकार के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।











