मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों के पुनरीक्षित गृह भत्ता (HRA) के आदेश आज जारी कर दिए।
पूर्व क्षेत्र कंपनी ने 3 अप्रैल 2025 को मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश राज्य शासन के शासकीय सेवकों को देय गृह भत्ता भत्ता पुनरीक्षण संबंधी आदेश को आवश्यक संशोधनों सहित ‘शासकीय सेवक’ के स्थान पर ‘कंपनी कार्मिक’ प्रतिस्थापित करते हुए ग्रहण किया है।
पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा पुनरीक्षित गृह भत्ता अब इस प्रकार होगा
7 लाख अथवा इससे अधिक जनसंख्या वाले नगरीय क्षेत्रों में निवासरत कंपनी कार्मिकों को वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अनुसार देय मूल वेतन का 10 प्रतिशत देय होगा।
3 लाख से अधिक परंतु 7 लाख से कम जनसंख्या के नगरीय क्षेत्रों में निवासरत कंपनी कार्मिकों को वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अनुसार देय मूल वेतन का 7 प्रतिशत देय होगा।
3 लाख से कम जनसंख्या के नगरीय क्षेत्रों में निवासरत कंपनी कार्मिकों को वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अनुसार देय मूल वेतन का 5 प्रतिशत देय होगा।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों को बिजली कंपनी की ओर से आवास आवंटित किया गया है अथवा जो किराया रहित कंपनी आवास में निवासरत हैं अथवा जिन्हें किराया रहित आवास के बदले और कोई भत्ता दिया जा रहा हो। इसके अलावा जो कर्मचारी संविदा, स्थायी कर्मी तथा दैनिक वेतन के आधार पर नियुक्त हैं, आदि को इस आदेश के अंतर्गत एचआरए की पात्रता नहीं होगी।
गृह भाड़ा भत्ता की स्वीकृति के संबंध मेें अन्य शर्ते पूर्वानुसार ही रहेंगी। गृह भाड़ा भत्ता संबंधी दिशा-निर्देश 1 अप्रैल 2025 से प्रभावशील होंगे।










