Friday, September 11, 2026
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मध्य प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियां, CPRI एवं शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान व विकास हेतु करेंगे सहयोग

एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के तत्वावधान में मध्य प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों, अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों व सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (CPRI) के बीच अनुसंधान एवं विकास हेतु सहयोगात्मक पहलों पर भोपाल में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आज आयोजित किया गया। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई द्वारा मध्य प्रदेश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोगात्मक पहल की परिकल्पना की गई है।

मध्‍य प्रदेश में विद्युत वितरण क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुये इनके समाधान हेतु अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान के समन्वय हेतु इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन बिजली वितरण क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव, शैक्षणिक ज्ञान और अनुसंधान क्षमताओं को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में एक अहम कदम सिद्ध हुआ।

सम्मेलन में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया एवं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल की उपस्थिति में वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अभियंता, सीपीआरआई के विशेषज्ञ, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुये प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।

सम्मेलन मुख्य रूप से तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों का पृथक्करण, वितरण नेटवर्क की योजना एवं ग्रिड स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के इनवर्टर से रिएक्टिव पावर क्षतिपूर्ति, कृषि आधारित पंप लोड एवं मौसमी मांग पूर्वानुमान, क्षति पहचान एवं मांग विश्लेषण हेतु डेटा विश्लेषण, आउटेज पूर्वानुमान और परिसंपत्ति प्रबंधन हेतु एआई/एमएल का उपयोग जैसे विषय पर गहन विचार विमर्श किया गया। 

इस सम्मेलन में राज्य की कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था एवं कम औद्योगिकिकरण जैसी विशेषताओं को रेखांकित करते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।

सम्मेलन में शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु संयुक्त अनुसंधान, फील्ड स्टडी और तकनीकी परियोजनाओं में रुचि जताई गई। शीघ्र ही इन पहलों को क्रियान्वित करने के लिए विशेष कार्य समूह गठित किए जाएंगे।

सम्मेलन के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान-साझाकरण और संयुक्त विकास की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे। यह पहल राज्य के ऊर्जा विकास में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

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