जबलपुर। एमपी के जबलपुर में बन रही प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड परियोजना के तहत नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का फ्रेम देर रात गिर गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
खबर है कि 100 फीट ऊंचे पिलर पर मजदूर कॉन्क्रीट डाल रहे थे, जबकि पास ही एनएचएआई के इंजीनियर मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि लोहे के फ्रेम में लगा कोई नट-बोल्ट ढीला होकर फेल हुआ, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद एनएचएआई ने ब्रिज निर्माण कर रही एनकेसी कंपनी, गुरुग्राम को नोटिस जारी किया है। जांच के लिए मंगलवार को दिल्ली से एनएचएआई की एक्सपर्ट टीम जबलपुर पहुंचेगी। टीम मौके पर जाकर यह जांच करेगी कि हादसा कैसे हुआ और जिम्मेदार कौन है।
100 फीट ऊंचे पिलर का फ्रेम टूटने से हादसा-
न्यू भेड़ाघाट के पास ललपुर गांव में नर्मदा नदी पर फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 30 पिलर बनाए जा रहे हैं। देर रात भी पिलर के ऊपर लोहे की फ्रेम में कॉन्क्रीट डाला जा रहा था। काम के दौरान दोनों ओर संतुलन बनाए रखना जरूरी था। एक तरफ इंजीनियर खड़े थे, जबकि दूसरी ओर 8 से 10 मजदूर मौजूद थे। अचानक एक तरफ का बैलेंस बिगड़ गया और तीन मजदूर करीब 100 फीट की ऊंचाई से लोहे के फ्रेम सहित नीचे गिर पड़े।
हादसे में इनकी हुई है मौत-
इस हादसे में मुर्सलेम उम्र 35 वर्ष निवासी पश्चिम बंगाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रसल एस 22 वर्ष राजेश्वर सिंह 21 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देर रात करीब तीन बजे तक घटनास्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हाल भी जाना।
अंधेरे में चल रहा था काम-
हादसे के समय घटनास्थल पर चारों ओर अंधेरा था। दो बड़ी मशीनों की मदद से लोहे की सेंटिंग में कॉन्क्रीट डालने का काम किया जा रहा था। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रोजेक्ट डायरेक्टर की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह भी जांच की गई कि कहीं कोई अन्य मजदूर फ्रेम में फंसा तो नहीं है। मशीनों की सहायता से कॉन्क्रीट हटाई गई।
ब्रिज में 30 पिलर, 24 नंबर पिलर सबसे ऊंचा-
नर्मदा नदी पर करीब एक किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसके लिए 30 पिलर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें सबसे ऊंचा 24 नंबर पिलर है, जिसकी ऊंचाई करीब 150 फीट है। वहीं 22-23 नंबर के पिलर की ऊंचाई 100 फीट है। हादसा 22 नंबर पिलर पर हुआ।










