मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के आधार पर ही बिल जारी किये जा रहे है। शहरी क्षेत्र के कुल उपभोक्ताओं के मात्र 1 प्रतिशत से भी कम के मीटर वर्तमान में जले एवं बंद अथवा खराब है। ऐेसे बंद अथवा खराब मीटरों को भी एक से दो बिलिंग सायकल के अंदर बदलने के प्रयास किये जाते है।
कंपनी ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के गैर घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के मात्र 1 प्रतिशत से कम मीटर जले एवं बंद अथवा खराब है। ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ता के खराब मीटरों की संख्या अधिक है। मीटर जलने एवं बंद अथवा खराब होने तथा उन्हें बदले जाना एक निरंतर प्रक्रिया है। कंपनी के पास पर्याप्त संख्या में मीटर उपलब्ध है। लगातार जले एवं बंद अथवा खराब मीटरों को बदलने की कार्यवाही की जा रही है।
ऐसे उपभोक्ता जिनके मीटर जले एवं बंद/खराब है उन्हें टैरिफ के प्रावधानुसार आंकलित खपत का देयक जारी किया जा रहा है। अतः यह कहा जाना सही नहीं है कि जले एवं बंद अथवा खराब मीटरों के कारण कंपनी को करोड़ों रुपये की हानि हो रही है।










