मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 16 अगस्त को सुबह लगभग 11 बजे मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के जबलपुर ग्रामीण सर्किल के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के तहत जबलपुर डिविजन के अंतर्गत पनागर टाउन में कार्यरत रतन प्राइवेट कंपनी के आउटसोर्स कर्मी चंद्रभान कोल उम्र 28 वर्ष को बिजली अधिकारियों ने कहा कि बिसेंदी गांव में लगे ट्रांसफार्मर की डीपी में ठेकेदार के द्वारा डीटीआर मीटर लगाया जाना है।
अधिकारियों के आदेश के बाद आउटसोर्स कर्मी चंद्रभान कोल के द्वारा बिसेंदी गांव के पास 33X11 केवी सब-स्टेशन के ऑपरेटर से सप्लाई बंद करने का परमिट लिया और ट्रांसफार्मर के नीचे लगे डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स को टेस्ट लैंप द्वारा चेक कर विद्युत् सप्लाई बंद होने की बात पुख्ता की।

विद्युत् सप्लाई बंद होने पर आउटसोर्स कर्मी डीपी के ऊपर चढ़ा और 11 केवी लाइन का डीयो फ्यूज काटने लगा, उसी समय वह करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसके दोनों हाथ एवं पेट करंट से बुरी तरह झुलस गया और आउटसोर्स कर्मी डीपी से नीचे गिर कर बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद साथियों ने उसे पनागर के सरकारी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार किया गया और उसके बाद डॉक्टर के द्वारा आउटसोर्स कर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए जबलपुर रेफर कर दिया गया, जहाँ परिवार के द्वारा निजी हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है।
संघ के मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, शशि उपाध्याय, दशरथ शर्मा, पीएन मिश्रा, मदन पटेल, किशोर पड़कर आदि ने कार्यपालन अभियंता से मांग की है कि घायल आउटसोर्स कर्मी को तत्काल 10,000 रुपये की सहायता राशि दी जावे एवं सब-स्टेशन से सप्लाई बंद कर दी गई थी तो सप्लाई कैसे चालू हो गई? संघ मांग करता है कि इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर दोषियों के ऊपर सख्त कार्यवाही की जाये।










