मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे ने आज शुक्रवार को जबलपुर में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों के कार्यो की समीक्षा की। बैठक में संजय दुबे ने निर्देश दिए कि कृृषि पंप उपभोक्ताओं को जारी किए जाने वाले अस्थाई कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि वे सिंचाई हेतु आवश्यक बिजली पाने के लिए अनैतिक साधनों का सहारा लेने मजबूर न हों।
उन्होंने निर्देश दिए कि सिंचाई हेतु निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जावें।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनय द्विवेदी सीधी से, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अमित तोमर इंदौर से तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी गणेश शंकर मिश्रा भोपाल से जुडे़। कंपनी के कार्पोरेट कार्यालय जबलपुर से श्रीमती नीता राठौर, मुख्य महाप्रबंधक सहित सभी विभाग प्रमुख उपस्थित रहे।
प्रमुख सचिव ने कहा कि तीनों वितरण कंपनियों में किए जा रहे उत्कृृष्ट कार्यो को एक दूसरे से साझा किया जाए ताकि सभी जिलों में इन कार्य पर अमल किया जा सके। उन्होंने कहा कि एटी एंड सी हानियों को 17 प्रतिशत से भी कम करना आवश्यक है, तभी वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है ।
उन्होंने मीटरिंग उपकरण बनाने वाली ऐसी कंपनियों जिनके उपकरण गुणवत्तापूर्ण नहीं हैं उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने, एचटी श्रेणी के उपभोक्ताओं की औसत रीडिंग को बंद करने, ट्रिपिंग की समस्या से निजात दिलाने, मीटर रीडिंग बढाने तथा क्यूआर कोडिंग एवं जीआईएस सर्वे के कार्यो को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने बालाघाट के गुर्रा तथा जबलपुर के उमरिया डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र में ट्रिपिंग को रोकने के लिए अरविंद चौबे मुख्य अभियंता जबलपुर क्षेत्र द्वारा कराए गए तकनीकी उपायों की प्रशंसा की तथा मुरैना सर्किल सहित अन्य सर्किलों द्वारा राजस्व संग्रहण हेतु किए गए बेहतर प्रयासों की भी सराहना की।














