जबलपुर। एमपी के बालाघाट स्थित बिरसा तहसील में तहसीलदार के रीडर राजकुमार रामटेके को जबलपुर से पहुंची लोकायुक्त टीम ने उस वक्त पकड़ा है। जब वह संतोष डेकवार से 3 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था। इसी तरह नरसिंहपुर में सहकारिकता निरीक्षक संजय दुबे को भी तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि बालाघाट के मलाजखंड निवासी संतोष डेकवार का एक प्रकरण नायब तसीलदार कार्यालय बिरसा में चल रहा था। जिसे ख़त्म करने के एवज में नायाब तहसीलदार कार्यालय बिरसा का रीडर राजकुमार रामटेके पिता स्वर्गीय खुशियाल रामटेके उम्र 58 वर्ष 3000 रिश्वत की मांग कर रहा था।
इस मामले की शिकायत संतोष डेकवार ने एसपी लोकायुक्त से की। इसके बाद आज रीडर राजकुमार के कहने पर प्रशांत फोटोकापी के बगल में बुलाया। जहां पर पहुंचकर संतोष ने राजकुमार रामटेके को 3 हजार रुपए दिए। तभी लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर ब्रजमोहन सिंह नरवरिया, जितेन्द्र यादव सहित अन्य ने दबिश देकर रंगे हाथ पकड़ लिया। इसी तरह गोटेगांव के सिमरिया तहसील के सहायक प्रबंधक समिति देवी तिवारी ने की थी। कि उसके एवं कर्मचारियों का माह अक्टूबर -नवंबर का वेतन निकालने के बदले में 3000 रूपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
आवेदक द्वारा इस संबंध में लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत करने के पश्चात आवेदक के आवेदन पत्र के सत्यापन हेतु पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर द्वारा निरीक्षक राहुल गजभिए को आदेशित किया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी संजय पिता स्वर्गीय हरप्रसाद दुबे उम्र 55 वर्ष पद सहकारिता निरीक्षकय प्रशासक कार्यालय उपायुक्त सहकारिता नरसिंहपुर निवासी सेंट्रल बैंक के पीछे छिंदवाड़ा रोड नरसिंहपुर द्वारा आवेदक से 3 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई, जिन्हें आज आवेदक से 03 हजार रुपए रिश्वत राशि ग्रहण करते रंगे हाथों ट्रेप किया गया। ट्रैपकर्ता अधिकारी निरीक्षक राहुल गजभिए, दल प्रभारी निरीक्षक शशिकला मस्कुले मौजूद रहे।











