Monday, July 27, 2026
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बैतूल के दामजीपुरा में हिंसा: वायरल वीडियो के बाद भड़का आक्रोश, दुकानों-मकानों में आगजनी

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित दामजीपुरा गांव में रविवार को हुई हिंसा ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। सोमवार सुबह गांव में सन्नाटा पसरा रहा। बाजार की अधिकांश दुकानें बंद थीं और कई दुकानों के सामने जला-बिखरा सामान पड़ा दिखाई दिया। हवा में अब भी आगजनी की गंध थी। डर के माहौल में लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, रविवार सुबह पशु से दुष्कर्म से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसके बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मोहदा थाना पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में भी ले लिया। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो पुराना था, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे।

पुलिस चौकी में घुसकर मारपीट, फिर भड़की हिंसा

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी आक्रोशित भीड़ पुलिस चौकी में घुस गई और आरोपी के साथ मारपीट की। इसके बाद हालात और बिगड़ गए। सुबह करीब 9 बजे भीड़ ने पुलिस चौकी का घेराव किया और पास की दो दुकानों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इनमें से एक दुकान आरोपी की बताई जा रही है।

पेट्रोल डालकर दुकानों और वाहनों को जलाया

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि उपद्रवियों ने पेट्रोल पंप से पेट्रोल लाकर दुकानों और वाहनों में आग लगाई। इलेक्ट्रॉनिक दुकान, मोबाइल शॉप, टायर पंक्चर की दुकान और टेलरिंग शॉप तक को नहीं बख्शा गया। कई मकानों और गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया।

पुलिस की देरी से बढ़ा नुकसान

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह करीब 10 बजे से ही बवाल शुरू हो गया था, लेकिन समय पर पुलिस बल नहीं पहुंच सका। दोपहर करीब 1:35 बजे भारी पुलिस बल गांव पहुंचा। तब तक कई दुकानें और वाहन जल चुके थे। गांव की आबादी लगभग 2500 है, जिनमें 30 से 40 मुस्लिम परिवार रहते हैं। हिंसा के बाद कई परिवार घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए।

पीड़ित महिला बोली—सब कुछ लुट गया

स्थानीय महिला सलमा बेगम ने बताया,
“लोग पत्थर फेंक रहे थे, गाड़ियां तोड़ी जा रही थीं। पुलिस बहुत देर से आई। अब हमारे नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
ग्रामीणों का कहना है कि आगजनी के साथ-साथ कई दुकानों में लूटपाट भी की गई।

CCTV से बचने के लिए बिजली बंद करने का आरोप

एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि घटना के दौरान गांव की बिजली बंद कर दी गई थी, ताकि कोई भी सीसीटीवी कैमरे में कैद न हो सके। आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने किसी को भी आगजनी या तोड़फोड़ का वीडियो बनाने नहीं दिया।

प्रशासन और पुलिस का पक्ष

इस मामले में एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि आरोपी को सुबह 9:30 बजे ही हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण हिंसा भड़क गई। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जिनके घर और दुकानें जली हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा।
वहीं थाना प्रभारी वी.के. मौर्य ने कहा कि अंदेशा नहीं था कि मामला इतना बड़ा रूप ले लेगा। बाहर से आए लोगों के कारण हालात बिगड़े।

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