MP Weather : मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन बाधित हो गया है। कई गांवों का जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
घरों, स्कूलों और खेतों में पानी भरने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
कई जिलों में बारिश से बेहाल लोग
सीहोर जिले के भवरा गांव में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ का पानी रिहाइशी इलाकों में दाखिल हो गया है. देखते ही देखते कई घरों और सरकारी स्कूल परिसर में पानी भर गया, जिससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई. कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है. स्कूल भवन में पानी भरने के कारण वहां रखी शैक्षणिक सामग्री और अन्य सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
वहीं, मल्लाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर स्थित पुल के ऊपर से अजनाल नदी का तेज बहाव जारी है, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है. इसके अलावा, आष्टा क्षेत्र में तेज बहाव के बीच एक ट्रैक्टर पानी की चपेट में आकर पलट गया. हालांकि, मौके पर पहुंची टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
कई नदियां उफान पर
हरदा जिले में भी लगातार हो रही तेज बारिश के कारण हालात बिगड़ रहे हैं. यहां काली माचक नदी उफान पर है और इसका पानी पुल से करीब 3 फीट ऊपर बह रहा है. पुल पर पानी होने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है. प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को नदी और पुल के आसपास नहीं जाने की सख्त हिदायत दी है.
किसानों के लिए बड़ी राहत
एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश आफत बनकर आई है, वहीं खरगोन जिले में लगातार हुई बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है. खेतों में पर्याप्त पानी भर जाने से धान की रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं. लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने राहत की सांस ली है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो खरीफ फसलों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा.
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं. संवेदनशील और निचले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे तेज बहाव वाली नदियों, पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. मौसम विभाग के अनुसार, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका अभी बनी हुई है, इसलिए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या राहत दल को सूचित करें.











