इतनी ऊँचाई कभी मत देना: प्रियंका सिंह

मुझे इतनी ऊँचाई कभी मत देना,
न बारिश की बहार हो
न बसंत का साया,
न किसी के सुख-दुःख का अहसास हो।

सिर्फ ऊँचाई का अंधेर,
सिर्फ अकेलेपन का सन्नाटा,
मुझे सताने लगेगा।
गैरो को गले लगाना चाहूँ,
लेकिन ऊँचाई का घमंड
उन्हें अपना बनाने नहीं देगा।

मुझे इतनी रूखाई कभी मत देना,
दूसरों की जिंदगी में
खुशियों का बूटा लगा ना सकूँ,
मुझे इतनी ऊँचाई कभी मत देना
खुद को ही भूल ना जाऊँ।

जिनसे किए है वादे
उन्हें भूलकर भी तोड़ ना जाऊँ
डर लगता है सच्ची राहों से
मुख मोड़ ना जाऊँ,
सच्चा इंसानियत का रिश्ता
भूल ना जाऊँ,
मुझे इतनी ऊँचाई कभी मत देना

प्रियंका सिंह
गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-ग्यारह,
चंडीगढ़