MP Weather Update: मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को परेशान कर रही चिपचिपी उमस और पसीने वाली गर्मी से अब राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 20 जुलाई से प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के प्रभाव से पूरे प्रदेश में बादलों का डेरा जमने लगा है। अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में झमाझम बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि, बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान दिखने वाला है
मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जबलपुर और कटनी में सुबह से बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जबकि दोपहर बाद तेज गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। वहीं रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक रहेगा।
विभाग ने किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। –
दूसरी ओर छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और मंडला में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने के साथ झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा, जिससे मौसम सुहावना हो जाएगा। वहीं शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक और राहत का एहसास रहेगा।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में कहीं मौसम सुहाना रहेगा तो कहीं नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं. यहाँ का हाल कुछ ऐसा रहेगा: –
मौसम विभाग ने नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं भोपाल, सीहोर और रायसेन में दिनभर बादलों और धूप की लुकाछिपी के बीच हल्की उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम होते-होते 14 से 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाओं और मध्यम बारिश से मौसम सुहावना हो जाएगा।
इधर इंदौर, उज्जैन और देवास सहित मालवा अंचल में भी मानसून राहत लेकर आएगा। तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश या बौछारों के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है। दूसरी ओर ग्वालियर, चंबल, भिंड और मुरैना में भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और स्थानीय मौसम प्रणाली के प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक देखने को मिल सकती है।










