उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी उज्जैन में अपनी पारेषण प्रणाली को सुदृढ़ कर रही है। इसके अंतर्गत ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार के साथ-साथ दो नए 132 केवी एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब-स्टेशनों का निर्माण और मौजूदा सब-स्टेशनों की क्षमता वृद्धि की जा रही है, जिससे आयोजन के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि तैयारियों के पहले चरण में दो नए सब-स्टेशनों का निर्माण और साथ ही कुछ मौजूदा सब-स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।
इनमें से एक सब-स्टेशन, त्रिवेणी बिहार उज्जैन में स्थापित किया जा रहा है, जो प्रदेश का चौथा तथा उज्जैन का पहला जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सब-स्टेशन होगा। इस सब-स्टेशन को 220 केवी सब-स्टेशन जैतपुरा (इंदौर) और उज्जैन से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होगी। दूसरे 132 केवी सब-स्टेशन का निर्माण चिंतामन उज्जैन में किया जा रहा है, जिसे विद्युत आपूर्ति के लिए चार स्रोत 220 केवी उज्जैन, चंद्रवतीगंज, देपालपुर एवं गौतमपुरा से जोड़ा जाएगा।
400 केवी सब-स्टेशन का होगा विस्तार
एमपी ट्रांसको उज्जैन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता केएम सिंघल ने बताया कि 400 केवी उज्जैन सब-स्टेशन में 132 केवी नेटवर्क का विस्तार करते हुए एक 50 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर तथा 33 केवी के चार नए फीडर निकाले जा रहे हैं। इसके अलावा 220 केवी शंकरपुर सब-स्टेशन में वर्तमान 20 एमवीए ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 50 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
सिंहस्थ के लिए 676 एमवीए लोड की तैयारी
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सिंहस्थ आयोजन के दौरान 676 एमवीए लोड का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान में एमपी ट्रांसको के पास 651 एमवीए की उपलब्ध क्षमता है। शेष लोड के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।










